कॉकरोच जनता पार्टी को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट का सोशल मीडिया बैन मामले में राहत देने से इनकार
- न्यायालय ने कहा- मामले में गहन विचार आवश्यक, केंद्र सरकार और मंच संचालक का पक्ष सुनना जरूरी
- समीक्षा समिति के समक्ष पक्ष रखने का अवसर, 6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के अवरुद्ध किए गए सामाजिक मीडिया मंच ‘एक्स’ खाते को तत्काल बहाल करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान कहा कि संबंधित खाते पर उपलब्ध कुछ सामग्री पहली नजर में आपत्तिजनक प्रतीत होती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी प्रकार का अंतिम या अंतरिम आदेश पारित करने से पहले केंद्र सरकार और सामाजिक मीडिया मंच ‘एक्स’ का पक्ष सुनना आवश्यक है। यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने अपने संगठन के ‘एक्स’ खाते को अवरुद्ध किए जाने के निर्णय को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय की पीठ ने कहा कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक मीडिया मंचों की जवाबदेही और सरकारी कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों से जुड़ा है, इसलिए इस पर विस्तार से विचार किया जाना चाहिए। अभिजीत दीपके की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने अदालत के समक्ष दलील दी कि सामाजिक मीडिया खाते को बहाल करने का आदेश दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि न्यायालय को कुछ प्रकाशनों पर आपत्ति है तो उन विशेष प्रकाशनों को अस्थायी रूप से अवरुद्ध रहने दिया जा सकता है, लेकिन पूरे खाते को बंद रखना उचित नहीं होगा। सिब्बल ने यह तर्क भी रखा कि पूर्व में ऐसे ही कई मामलों में अदालतों ने अंतरिम राहत प्रदान की थी और संबंधित खातों को बहाल करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि न्यायालय इस तर्क से तत्काल सहमत नहीं हुआ। पीठ ने कहा कि उपलब्ध सामग्री का अध्ययन करने पर कुछ बातें चिंताजनक प्रतीत होती हैं और बिना सभी पक्षों को सुनने के कोई निर्णय लेना उचित नहीं होगा। अदालत ने इस दौरान केंद्र सरकार तथा सामाजिक मीडिया मंच ‘एक्स’ को विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश भी दिया है, ताकि खाते को अवरुद्ध करने के कारणों और उससे जुड़ी प्रक्रिया की पूरी जानकारी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा सके। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए अभिजीत दीपके को केंद्र सरकार की उस समीक्षा समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति दी, जो खाते को अवरुद्ध करने संबंधी आदेशों की जांच करती है। अदालत ने समीक्षा समिति से कहा है कि वह मामले पर विचार कर अपना निर्णय ले और अगली सुनवाई के समय न्यायालय को अपनी कार्रवाई से अवगत कराए। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई के लिए निर्धारित की है। तब तक केंद्र सरकार, ‘एक्स’ मंच और समीक्षा समिति की ओर से प्रस्तुत विवरणों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद ही अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित राहत पर विचार करेगी। गौरतलब है कि अभिजीत दीपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की थी। यह राजनीतिक संगठन उस समय चर्चा में आया जब एक वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ संबंधी टिप्पणियों को लेकर सार्वजनिक बहस छिड़ गई थी। इसी विवाद के बीच दीपके ने नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की थी। अब यह मामला केवल एक सामाजिक मीडिया खाते की बहाली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, डिजिटल मंचों पर सामग्री नियंत्रण और सरकारी हस्तक्षेप की सीमा जैसे व्यापक संवैधानिक प्रश्नों से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में 6 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर कानूनी विशेषज्ञों और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।


