August 28, 2026

सुपौल में मां की डांट से आहत किशोरी ने उठाया खौफनाक कदम, फंदे से लटका मिला शव

  • खाना बनाने को लेकर मां-बेटी में हुई कहासुनी, रात में नाराज होकर कमरे में चली गई थी 12 वर्षीय बच्ची
  • सुबह दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को हुई आशंका, पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

सुपौल। बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के हरिहरपट्टी पंचायत अंतर्गत भगवानपुर वार्ड संख्या-5 में एक 12 वर्षीय किशोरी ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि घटना से पहले उसकी अपनी मां से खाना बनाने को लेकर कहासुनी हुई थी। मामूली विवाद के बाद बच्ची द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम से परिवार के साथ-साथ पूरा गांव सदमे में है। घटना रविवार रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार भगवानपुर निवासी लाल सादा का परिवार मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं है और परिवार के सदस्य मेहनत-मजदूरी कर घर चलाते हैं। रविवार शाम को लाल सादा की पत्नी कविता देवी अपनी बेटी के साथ मजदूरी करके घर लौटी थीं। दिनभर काम करने के बाद परिवार के लोग रात का भोजन बनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान खाना बनाने को लेकर मां और बेटी के बीच कहासुनी हो गई। परिजनों के अनुसार किशोरी किसी बात को लेकर नाराज थी और उसने खाना बनाने से मना कर दिया। इसके बाद मां कविता देवी ने उसे डांट-फटकार लगा दी। परिवार वालों का कहना है कि यह सामान्य घरेलू विवाद था, लेकिन बच्ची शायद इस बात से काफी आहत हो गई। बताया जा रहा है कि डांट खाने के बाद किशोरी बिना खाना खाए ही नाराज होकर अपने कमरे में चली गई। परिवार के अन्य लोगों ने सोचा कि वह थोड़ी देर बाद सामान्य हो जाएगी, इसलिए किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। रात बीत गई और परिवार के लोग अपने-अपने काम में लग गए। सोमवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता होने लगी। कई बार आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की। जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग स्तब्ध रह गए। किशोरी का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था। यह दृश्य देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप और परिवार के अन्य सदस्य बदहवास हो गए। रोने-बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते पूरे गांव में घटना की खबर फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। गांव में मातम जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक किशोरी आठ भाई-बहनों में से एक थी। परिवार के लोग उसे बेहद प्यार करते थे। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि मामूली कहासुनी इतना बड़ा रूप ले लेगी। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलने के बाद त्रिवेणीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों को समझा जा सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार की स्थिति बेहद खराब है और घर में शोक का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र के बच्चे भावनात्मक रूप से काफी संवेदनशील होते हैं और कई बार छोटी-छोटी बातें भी उनके मन पर गहरा असर छोड़ देती हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों से संवाद बनाए रखने और उनकी भावनाओं को समझने की जरूरत है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर जरूर था, लेकिन बच्ची सामान्य रूप से परिवार के साथ रहती थी। किसी ने कभी यह नहीं सोचा था कि एक सामान्य घरेलू विवाद इतना बड़ा हादसा बन जाएगा। फिलहाल पूरे गांव में इसी घटना की चर्चा हो रही है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से दुखी नजर आ रहा है।

You may have missed