गंगा दशहरा पर बख्तियारपुर में उमड़ी आस्था, नीतीश कुमार ने किया गंगा पूजन
- पूर्व मुख्यमंत्री ने सीढ़ी घाट और राधे-कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना, स्वतंत्रता सेनानी शीलभद्र याजी को दी श्रद्धांजलि
- स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पहली बार बख्तियारपुर दौरे पर, शाम की गंगा आरती और भंडारे की विशेष तैयारी
पटना। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बिहार के राजनीतिक और धार्मिक वातावरण में रविवार को विशेष उत्साह देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार बख्तियारपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। वहीं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी अपने पहले बख्तियारपुर दौरे को लेकर चर्चा में रहे। उनके शाम की गंगा आरती में शामिल होने को लेकर स्थानीय लोगों और समर्थकों में खास उत्साह दिखाई दिया। सुबह करीब 10 बजकर 30 मिनट पर नीतीश कुमार बख्तियारपुर स्थित प्रसिद्ध सीढ़ी घाट पहुंचे। गंगा दशहरा के अवसर पर घाट पर पहले से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री घाट पहुंचे, वहां मौजूद लोगों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। घाट परिसर धार्मिक नारों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। नीतीश कुमार ने मां गंगा के तट पर पूजा-अर्चना कर राज्य में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। गंगा पूजन के दौरान स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर घाट परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। गंगा पूजन के बाद नीतीश कुमार पास स्थित राधे-कृष्ण मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान की पूजा-अर्चना की और धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूजा के दौरान धार्मिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी के स्मारक पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। इस दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि गंगा दशहरा जैसे धार्मिक पर्व पर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला कदम है। सभी कार्यक्रमों के बाद नीतीश कुमार कुछ समय के लिए अपने पैतृक आवास पहुंचे। वहां उन्होंने परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इसके बाद वे पटना के लिए रवाना हो गए। उनके दौरे को लेकर बख्तियारपुर में सुबह से ही हलचल बनी रही और बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन के लिए पहुंचे। दूसरी ओर, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का बख्तियारपुर दौरा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला बख्तियारपुर आगमन है। स्थानीय जनता और समर्थकों में उनके स्वागत को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। शाम को आयोजित होने वाली भव्य गंगा आरती में निशांत कुमार मुख्य रूप से शामिल होंगे। सीढ़ी घाट पर गंगा आरती को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। घाट को रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से आकर्षक बनाया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है। पुलिस बल, दंडाधिकारी और आपदा प्रबंधन की टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। गंगा आरती के दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया है। स्थानीय समितियों और सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई है। आयोजकों का कहना है कि गंगा दशहरा के इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस अवसर पर गंगा स्नान और पूजा करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के कारण बिहार सहित देशभर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बख्तियारपुर में आयोजित कार्यक्रमों ने धार्मिक आस्था और राजनीतिक उपस्थिति दोनों को एक साथ जोड़ दिया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इन आयोजनों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया, जबकि सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी तरह सक्रिय नजर आई।


