बिहार में भीषण गर्मी का कहर, 14 जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी

  • नौतपा की शुरुआत के साथ बढ़ी तपिश, कई जिलों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका
  • उत्तर और पूर्वी बिहार में आंधी-बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की दी सलाह

पटना। बिहार में भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 14 जिलों में लू और अत्यधिक गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 13 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम के इस दोहरे प्रभाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राज्य के कई हिस्सों में जहां लोग तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल हैं, वहीं कुछ इलाकों में बादल, बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है। रविवार को बिहार के नौ जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान रोहतास जिले के डेहरी में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा मगध और शाहाबाद क्षेत्र के कई जिलों में भी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक दक्षिण और पश्चिम बिहार में लू की स्थिति बनी रह सकती है। कुछ इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसी बीच रविवार से नौतपा की भी शुरुआत हो चुकी है। हिंदू पंचांग के अनुसार नौतपा के नौ दिन वर्ष के सबसे गर्म दिनों में माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट होते हैं, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ जाती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस अवधि में गर्म हवाएं और लू का प्रभाव स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को खानपान और दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक गर्मी का असर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। तेज तापमान और सूखी हवाओं के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे चक्कर आना, थकान, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। गर्म हवाओं के कारण नाक की अंदरूनी परत प्रभावित होने से कभी-कभी नाक से खून आने की शिकायत भी सामने आ रही है। चिकित्सकों ने अधिक पानी पीने, ओआरएस का सेवन करने और धूप से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार में इस समय दो अलग-अलग मौसमी तंत्र सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी उत्तर और पूर्वी बिहार तक पहुंच रही है, जिससे वहां बादल बन रहे हैं और बारिश तथा आंधी की स्थिति बन रही है। दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम बिहार में गर्म और शुष्क पछुआ हवाएं चल रही हैं। झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाली गर्म हवाएं मगध और शाहाबाद क्षेत्र का तापमान और बढ़ा रही हैं। इसी कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव भी अलग दिखाई दे रहा है। राजधानी पटना में सोमवार को उमस भरी गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिन में अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि शाम के समय हल्के बादल और हवा चलने की संभावना जताई गई है। नालंदा जिले में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। जिले में उमस के कारण लोग परेशान हैं। दरभंगा में लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो पिछले दिन की तुलना में कम है। वहीं औरंगाबाद में सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला। यहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मुजफ्फरपुर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए न्यायालय के कामकाज का समय बदल दिया गया है। यहां न्यायालय सुबह सात बजे से संचालित हो रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है, हालांकि पिछले दो दिनों से बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं हुई है। इससे उमस और अधिक बढ़ गई है। समस्तीपुर में भी मौसम साफ है और तेज धूप निकल रही है। यहां अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने यहां भी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी और आंधी-बारिश दोनों का असर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की जरूरत है।

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