गोपालगंज वायरल वीडियो मामले में अनंत सिंह को राहत, एमपी-एमएलए कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

  • हथियार प्रदर्शन और अश्लील नृत्य के वायरल वीडियो मामले में अदालत ने कहा- वीडियो एआई से बना प्रतीत होता है
  • मीरगंज थाना में दर्ज प्राथमिकी में नौ नामजद आरोपी, अगली सुनवाई 30 मई को होगी

पटना। बिहार की राजनीति में चर्चित चेहरा और जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह को गोपालगंज वायरल वीडियो मामले में बड़ी राहत मिली है। पटना स्थित सांसद-विधायक विशेष अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह फैसला उस मामले में आया है जिसमें गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में आयोजित एक जनेऊ संस्कार कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन, अश्लील नृत्य और नोटों की बारिश जैसी गतिविधियां दिखाई गई थीं। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा बटोरी थी। अनंत सिंह के अधिवक्ता ने अदालत के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि विशेष अदालत ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों और वीडियो की प्रकृति को देखते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। अधिवक्ता ने अदालत में यह दलील दी कि वायरल वीडियो एआई तकनीक से तैयार किया गया प्रतीत होता है और उसमें अनंत सिंह के हाथ में किसी प्रकार का हथियार दिखाई नहीं देता। अदालत ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल उन्हें राहत प्रदान की है। मामले की अगली सुनवाई 30 मई को निर्धारित की गई है। हालांकि इस मामले में अदालत ने केवल अनंत सिंह को राहत दी है। प्राथमिकी में नामजद अन्य आरोपियों को फिलहाल ऐसी कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा था, जिसके बाद यह फैसला सुनाया गया। पूरा मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित एक जनेऊ संस्कार कार्यक्रम से जुड़ा है। यह कार्यक्रम 2 और 3 अप्रैल को गुड्डू राय के घर आयोजित किया गया था। इस समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। विधायक अनंत सिंह भी अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे। आयोजन में मेहमानों के लिए विशेष भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर हथियार लहराते और नृत्य करते दिखाई दे रहे थे। साथ ही कार्यक्रम में अश्लील नृत्य का आयोजन भी दिखाया गया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई। गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर हथुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा वीडियो की जांच कराई गई। जांच के दौरान कुछ व्यक्तियों की पहचान की गई, जो कथित रूप से अवैध, प्रतिबंधित और लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन कर रहे थे। इसके आधार पर मीरगंज थाना कांड संख्या 247/26 दिनांक 4 मई 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने इस मामले में कुल नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें आयोजक गुड्डू राय, उत्सव राय, प्रियांशु कुमार, टिशू राय, सौरव कुमार राय, विशाल राय, सुनील यादव, अनंत सिंह और गुंजन सिंह शामिल हैं। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो में देखा गया कि अनंत सिंह आगे की पंक्ति में बैठे हुए हैं और मंच पर हो रहे नृत्य कार्यक्रम को देख रहे हैं। एक दृश्य में डांसर उनके निकट आकर नृत्य करती दिखाई देती है, जिस पर वे ताली बजाते नजर आते हैं। वहीं कुछ अन्य लोग हथियारों के साथ नृत्य करते और नोट उड़ाते दिख रहे हैं। इसी वीडियो को लेकर विवाद और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा और न ही किसी अवैध गतिविधि में शामिल थे। उनका कहना है कि जब वे कार्यक्रम में पहुंचे, तब वहां कुछ लोग हथियार लेकर नाच-गा रहे थे, लेकिन उससे उनका कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में जाने को लेकर कोई नियम या प्रतिबंध है तो इसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस प्रशासन की होती है। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि यदि स्थानीय पुलिस अधीक्षक उन्हें किसी स्थान पर जाने से मना करेंगे तो वे वहां नहीं जाएंगे। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि हाल ही में दुलारचंद हत्याकांड में जेल से रिहा होने के बाद अनंत सिंह ने राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अब वे चुनाव नहीं लड़ेंगे और भविष्य में उनका बेटा जनता की सेवा करेगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में यह भी कहा था कि यदि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो वे भी चुनावी राजनीति से दूरी बना लेंगे। फिलहाल गोपालगंज वायरल वीडियो मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर 30 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत इस मामले में आगे की दिशा तय कर सकती है।

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