पटना में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 95 लाख के नशीले इंजेक्शन और कफ सिरप बरामद
- रामकृष्णा नगर के गोदाम से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
- सीमांचल से लेकर पटना के कई इलाकों में फैला था नेटवर्क, फरार सरगनाओं की तलाश में लगातार छापेमारी
पटना। पटना के पूर्वी इलाके में सूखे नशे और उससे जुड़े अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया है। राजधानी में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को रामकृष्णा नगर इलाके स्थित न्यू श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में छापेमारी कर पुलिस ने लगभग 95 लाख रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार गोदाम से 33 हजार 500 एम्पुल नशीले इंजेक्शन और 4 हजार पीस प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किए गए हैं। मामले में रामकृष्णा नगर निवासी ऋषि और सुपौल निवासी अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कदमकुआं निवासी रवि और ट्रांसपोर्ट गोदाम के मालिक गिरीश का नाम बताया है। पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दूसरे राज्यों से नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप मंगाकर रामकृष्णा नगर स्थित गोदाम में बड़े स्तर पर जमा की जाती थी। यहां से इन नशीले पदार्थों को कार्टन में भरकर सीमांचल क्षेत्र के सुपौल, अररिया, पूर्णिया और सीमा से जुड़े अन्य इलाकों में भेजा जाता था। इसके लिए बसों और निजी वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार पटना शहर के कई इलाकों में भी इस गिरोह का नेटवर्क सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपी अब्दुल्ला और उसके साथी रामकृष्णा नगर, चित्रगुप्त नगर, पत्रकार नगर, गोपालपुर, गौरीचक और बहादुरपुर क्षेत्रों में ई-रिक्शा और ऑटो के जरिए नशीले इंजेक्शन और कफ सिरप की आपूर्ति करते थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से सूखे नशे का कारोबार चला रहा था। पूर्वी पटना के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि राजधानी में सूखे नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो केवल नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चला रही है। इस टीम में युवा थाना प्रभारियों और अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। विशेष टीम में पत्रकार नगर थाना प्रभारी सोनू कुमार, चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी शंकर झा, बहादुरपुर थाना प्रभारी शुभम झा समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। यह टीम लगातार संदिग्ध ठिकानों पर नजर रख रही है और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूखे नशे का यह कारोबार युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। नशीले इंजेक्शन, प्रतिबंधित कफ सिरप और अन्य मादक पदार्थों की आसान उपलब्धता समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। खासकर युवाओं में इसकी लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे अपराध और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ रही हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। कई बार सामान्य सामान की आड़ में इन नशीले पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पटना सहित कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे गिरोह को कानून के दायरे में लाया जाएगा। पटना पुलिस की इस कार्रवाई को सूखे नशे के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे राजधानी में फैल रहे नशे के कारोबार पर लगाम लगेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।


