बिहार में मौसम का बदला मिजाज, उत्तर-पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित

  • सीमांचल और उत्तर-पूर्व बिहार में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी, कई जिलों में जलजमाव की स्थिति
  • औरंगाबाद में पेड़ गिरने से महिला की मौत, पटना में कार पर ताड़ का पेड़ और बिजली का खंभा गिरा

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में जहां तेज बारिश और आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं कुछ जिलों में उमस भरी गर्मी अब भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर-पूर्वी बिहार के सात जिलों में तेज बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं पटना समेत राज्य के अन्य 31 जिलों में मौसम सामान्य रहने के बावजूद उमस और गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है।  मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी और स्थानीय स्तर पर बन रहे मौसमीय तंत्र के कारण प्री-मानसून गतिविधियां काफी सक्रिय हो गई हैं। यही कारण है कि सीमांचल और उत्तर-पूर्व बिहार में लगातार बारिश का दौर जारी है। बुधवार को औरंगाबाद जिले में तेज आंधी ने तबाही मचा दी। फेसर थाना क्षेत्र के सीपू डिहरी गांव में एक विशाल पीपल का पेड़ मकान पर गिर गया, जिससे 60 वर्षीय महिला श्रद्धा देवी की दबकर मौत हो गई। घटना में दो बच्चे भी घायल हो गए। बताया गया कि तेज हवा और बारिश से बचने के लिए महिला घर के भीतर चली गई थीं, लेकिन उसी दौरान पुराना पेड़ जड़ से उखड़कर मकान पर गिर पड़ा। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग राहत कार्य में जुट गए। राजधानी पटना में भी मौसम का असर देखने को मिला। गर्दनीबाग पुल के पास तेज हवा के कारण एक ताड़ का पेड़ और बिजली का खंभा एक चलती हुई थार गाड़ी पर गिर गया। इस घटना में चालक अभिषेक गौरव घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। पेड़ और खंभा गिरने के कारण कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क से पेड़ और खंभा हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। बारिश के बावजूद बिहार के कई हिस्सों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। कैमूर जिले का भभुआ बुधवार को राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पटना का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम रहा। दिनभर बादलों की आवाजाही और उमस बनी रही, जबकि शाम के समय मौसम ने करवट ली। मौसम विभाग के अनुसार इस बार बिहार में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में अब तक 115.9 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से लगभग 170 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा वर्षा पूर्णिया जिले में दर्ज की गई, जहां 115 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा बनमनखी में 68.2 मिलीमीटर, कटिहार में 68 मिलीमीटर और कसबा में 62.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। कटिहार, खगड़िया और सीमांचल के अन्य जिलों में बुधवार रात झमाझम बारिश हुई। कई जगहों पर खेतों और सड़कों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई हुई। कटिहार में नगर निगम प्रशासन पंप और टैंकरों की मदद से जल निकासी का काम कर रहा है। वहीं किसानों को भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भर जाने से मक्का और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि बारिश और बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक बिहार में गर्मी और आंधी-बारिश का मिला-जुला असर बना रहेगा और मौसम का यह अस्थिर रूप आगे भी जारी रह सकता है।

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