नालंदा में संपत्ति विवाद में खौफनाक अंजाम, दो बेटों ने मिलकर मां को मार डाला, इलाके में सनसनी
- चंडी थाना क्षेत्र के बदौरा गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना से फैली सनसनी
- मृतका ने कुछ दिन पहले ही पुलिस से मांगी थी सुरक्षा, ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया आक्रोश
बिहारशरीफ। नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र से गुरुवार को एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने इंसानियत और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर कर रख दिया। जिले के बदौरा गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो बेटों पर अपनी ही मां की निर्मम हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि जमीन और मकान के हिस्से के विवाद ने मां-बेटे के रिश्ते को कलंकित कर दिया। मृतका की पहचान जिलवी देवी के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय रामचंद्र प्रसाद की पत्नी थीं। वह मूल रूप से भाषीन बिगहा गांव की रहने वाली थीं, लेकिन कुछ समय से अपने मायके बदौरा गांव में रह रही थीं। परिजनों के अनुसार उनके बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार और मंझले बेटे रविशंकर कुमार के बीच लंबे समय से जमीन और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। धीरे-धीरे यह विवाद इतना बढ़ गया कि परिवार के भीतर तनाव और हिंसा की स्थिति बनने लगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों बेटों का अपनी मां के साथ अक्सर झगड़ा होता था। कई बार विवाद मारपीट तक पहुंच गया था। गांव वालों के अनुसार मृतका लगातार भय और मानसिक तनाव में जीवन गुजार रही थीं। आसपास के लोगों का कहना है कि जिलवी देवी को पहले से ही किसी अनहोनी की आशंका थी। यही कारण था कि उन्होंने कुछ दिन पहले चंडी थाना पहुंचकर अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि यदि उस समय पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की होती तो संभवतः यह घटना टाली जा सकती थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई। लोगों में आरोपित बेटों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार जायसवाल स्वयं भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद लगभग तीन घंटे बाद सड़क जाम समाप्त कराया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से कानून हाथ में न लेने और जांच में सहयोग करने की अपील की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे संपत्ति विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ते पारिवारिक विवाद और संपत्ति के लालच से टूटते रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मां ने अपने बच्चों को जन्म देकर उनका पालन-पोषण किया, उसी मां की हत्या का आरोप उसके अपने बेटों पर लगना बेहद शर्मनाक और दुखद है। गांव में हर ओर इस घटना की चर्चा हो रही है और लोग इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाने और संवेदनशील मामलों में प्रशासन की सक्रियता बेहद जरूरी है। फिलहाल पूरा गांव इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है और लोग आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी तथा कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।


