बिहार विधान परिषद उपचुनाव में अरविंद शर्मा ने भरा नामांकन, निर्विरोध जीत के आसार प्रबल
- सत्ताधारी गठबंधन के समर्थन से जीत लगभग तय, विपक्ष अब तक उम्मीदवार घोषित करने में पीछे
- संगठन में सक्रिय भूमिका के चलते मिला मौका, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दाखिल किया पर्चा
पटना। बिहार विधान परिषद के उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित होने के कारण उन्होंने अंतिम दिन अपना पर्चा भरा। एक दिन पहले ही पार्टी ने उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। नामांकन के दौरान सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे, जिससे इस चुनाव को लेकर गठबंधन की एकजुटता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। इस अवसर पर बिहार सरकार के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव सहित कई अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जनता दल यूनाइटेड के विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संतोष सुमन भी नामांकन के समय उपस्थित रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण इस उपचुनाव में अरविंद शर्मा की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। विपक्षी दलों की ओर से अब तक किसी भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं किए जाने से यह संभावना और भी प्रबल हो गई है कि यह चुनाव निर्विरोध हो सकता है। अरविंद शर्मा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। संगठन के भीतर उनकी छवि एक समर्पित और शांत स्वभाव के रणनीतिकार के रूप में बनी हुई है। पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल स्थापित करने और संगठनात्मक कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इस उपचुनाव में उम्मीदवार बनाकर संगठन के प्रति उनके योगदान को सम्मान दिया है।भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया मंच पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि संगठन में वर्षों तक जमीनी स्तर पर किए गए कार्य और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय भागीदारी का यह परिणाम है। पार्टी ने विश्वास व्यक्त किया कि अरविंद शर्मा भविष्य में भी संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। दरअसल, यह सीट भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई थी। मंगल पांडेय ने सिवान से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी, जिसके बाद विधान परिषद की उनकी सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसी कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। नामांकन के दौरान मंगल पांडेय स्वयं भी उपस्थित रहे और उन्होंने अरविंद शर्मा को शुभकामनाएं दीं। इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहा है, क्योंकि विपक्ष की ओर से अब तक कोई सक्रियता नहीं दिखाई गई है। यदि विपक्षी दल अंतिम समय तक उम्मीदवार नहीं उतारते हैं, तो अरविंद शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। यह उपचुनाव सत्ताधारी गठबंधन के लिए औपचारिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जहां संगठन के एक अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ता को विधान परिषद भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अरविंद शर्मा की जीत को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं दिखाई देती।


