पश्चिम बंगाल चुनाव में केंद्रीय बलों पर ममता के आरोप, रिकॉर्ड मतदान के बीच सियासी तापमान बढ़ा
- मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर पक्षपात का लगाया आरोप, जीत का जताया भरोसा
- दूसरे चरण में भारी मतदान, दोपहर तक रिकॉर्ड प्रतिशत ने तोड़े पुराने आंकड़े
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे एक विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई मतदान केंद्रों पर राज्य पुलिस की मौजूदगी नहीं है और केंद्रीय बलों ने पूरी व्यवस्था अपने नियंत्रण में ले ली है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि मंगलवार रात से ही केंद्रीय बलों की ओर से कथित तौर पर ज्यादतियां शुरू हो गई थीं। उनके अनुसार, उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और मतदाताओं के साथ-साथ केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का कार्य सीमाओं की सुरक्षा करना है, लेकिन यहां वे चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते नजर आ रहे हैं। उनके इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक न तो केंद्रीय बलों की ओर से और न ही चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। दूसरी ओर, राज्य में मतदान को लेकर मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार दूसरे चरण में अपराह्न तीन बजे तक 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले सुबह नौ बजे तक 18.39 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो 11 बजे तक बढ़कर करीब 40 प्रतिशत और दोपहर एक बजे तक 61.11 प्रतिशत पहुंच गया। इस चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट भी शामिल है। पूरे राज्य में कुल 294 सीटें हैं, जिनमें से 210 सामान्य वर्ग, 68 अनुसूचित जाति और 10 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। दूसरे चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 220 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 5 लाख से अधिक पहली बार मतदान करने वाले युवा शामिल हैं। इसके अलावा 3.79 लाख मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के हैं, जो लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। इस चरण में लगभग 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इससे पहले 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था। दूसरे चरण में भी इसी तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव काफी महत्वपूर्ण है और इसके परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे। एक ओर जहां सत्तारूढ़ दल अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं विपक्ष भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने बयान में विश्वास जताया कि जनता का समर्थन उनके साथ है और उनकी पार्टी चुनाव में जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि जनता लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में मतदान कर रही है और यही उनके लिए सबसे बड़ा संदेश है। चुनाव परिणामों की घोषणा चार मई को की जाएगी, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। तब तक राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।


