देशभर में भीषण गर्मी का कहर, बांदा बना दुनिया का सबसे गर्म शहर

  • कई राज्यों में तापमान 46 डिग्री से पार, केंद्र ने हीट स्ट्रोक प्रबंधन के निर्देश जारी किए
  • आंधी-बारिश और तूफान का भी अलर्ट, मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने सोमवार को सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो न केवल इस क्षेत्र का बल्कि अप्रैल महीने में पूरे देश का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। इसके साथ ही बांदा दुनिया का सबसे गर्म शहर भी बन गया। इससे पहले यहां 30 अप्रैल 2022 और 25 अप्रैल 2026 को 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। राजस्थान के जैसलमेर में भी तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। वहीं मध्य प्रदेश के खजुराहो में पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो बीते दस वर्षों में सबसे अधिक दर्ज किया गया तापमान है। इसके अलावा देश के कई अन्य शहरों में भी तापमान 46 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा, जिनमें बाड़मेर, वर्धा, अमरावती और अकोला प्रमुख हैं। लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन इकाइयां स्थापित करने को कहा गया है। ये इकाइयां आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षेत्र के रूप में कार्य करती हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य गर्मी से प्रभावित मरीजों को ‘स्वर्णिम समय’ के भीतर उपचार उपलब्ध कराना है। चिकित्सकों के अनुसार, हीट स्ट्रोक की स्थिति में शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है, जो जीवन के लिए खतरा बन सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत ठंडा करने के लिए बर्फ के पानी से स्नान, ठंडे कंबल और ठंडी हवा का उपयोग किया जाता है। साथ ही नसों के माध्यम से तरल पदार्थ दिए जाते हैं और किडनी व लीवर की लगातार निगरानी की जाती है। ओआरएस और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी की जाती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए विशेष कदम उठाए गए हैं। बसों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि बस स्टॉप पर यात्रियों के लिए मुफ्त ठंडा पानी और ओआरएस की व्यवस्था की जा रही है। यह पहल लोगों को लू से बचाने के उद्देश्य से की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के कई राज्यों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र शामिल हैं। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तराखंड में ओलावृष्टि, बिजली और तेज हवाओं के साथ तूफान की चेतावनी जारी की गई है। छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी आंधी और ओले गिरने की संभावना है। बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने 28 अप्रैल को देश के 13 राज्यों में बारिश और तूफान का अनुमान जताया है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम शामिल हैं। इस दौरान कहीं-कहीं 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राज्य के 11 जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं बिहार में भी 36 जिलों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें 14 जिलों को नारंगी और 24 जिलों को पीला अलर्ट श्रेणी में रखा गया है। सोमवार को बिहार के अररिया, समस्तीपुर और नालंदा सहित कई क्षेत्रों में तेज आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। अररिया में पेड़ गिरने और दीवार ढहने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पंजाब और चंडीगढ़ में भी मौसम में बदलाव देखा गया, जहां कई जगह बादल छाए रहे और कुछ शहरों में बारिश दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष अप्रैल का महीना पिछले चार वर्षों में सबसे गर्म रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने में अब तक करीब 45 बार तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, जो 2022 के बाद सबसे अधिक है। हालांकि, मंगलवार से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे अस्थायी राहत मिल सकती है। इसके बाद मई के पहले सप्ताह से तापमान में फिर तेजी आने और लू के प्रकोप के बढ़ने की आशंका जताई गई है।

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