पटना में अंधविश्वास की शर्मनाक घटना, ‘डायन’ बताकर महिला की बेरहमी से पिटाई
- लाठी-डंडों से हमला कर बेहोश किया, मृत समझकर हमलावर फरार
- परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपियों की तलाश जारी
पटना। राजधानी पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र में अंधविश्वास से जुड़ी एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां एक महिला को ‘डायन’ बताकर बेरहमी से पीटा गया। इस घटना ने न सिर्फ इलाके को झकझोर दिया है, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना बाढ़ के दयाचक मोहल्ला की है, जहां पीड़िता अंजलि देवी अपनी दुकान पर बैठी थीं। तभी अचानक 8 से 10 लोगों का एक समूह वहां पहुंचा, जिसमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। आरोप है कि इन लोगों ने अंजलि देवी पर ‘डायन’ होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी बर्बर थी कि अंजलि देवी मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गईं। हमलावरों ने उन्हें मृत समझ लिया और घटनास्थल से फरार हो गए। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी मिली, जिन्होंने आनन-फानन में उन्हें बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल में इलाज के दौरान होश में आने पर अंजलि देवी ने बताया कि हमलावरों में उनकी मौसी और मामी समेत पांच महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने तीन नकाबपोश युवकों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये रिश्तेदार पहले भी उन्हें ‘डायन’ कहकर दो बार मारपीट कर चुके हैं और उन पर उनके बच्चे को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। पीड़िता के पति दीपक कुमार ने बताया कि जब वे घर पहुंचे तो उनकी पत्नी बेहोश अवस्था में मिलीं। होश में आने पर उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है और भय के माहौल में जी रहा है। इस बीच घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर पीड़िता के साथ मारपीट की जा रही है। वीडियो में पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पीड़िता के परिवार ने बाढ़ थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। बाढ़ थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी और क्या किसी और की भी इसमें संलिप्तता है। यह घटना समाज में फैले अंधविश्वास और कुप्रथाओं की भयावह तस्वीर पेश करती है, जहां आज भी लोगों को बिना किसी ठोस आधार के ‘डायन’ करार देकर उनके साथ हिंसा की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई दोनों की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक चेतना के स्तर पर भी एक गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई करता है।


