जमुई नवोदय विद्यालय छात्रावास में छात्र की संदिग्ध मौत, परिजनों का हंगामा और सड़क जाम

  • बाथरूम में फंदे से लटका मिला कक्षा दस का छात्र, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
  • परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप, पुलिस व वैज्ञानिक जांच दल जुटा साक्ष्य संग्रह में

जमुई। जिले के बरहट स्थित नवोदय विद्यालय छात्रावास में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुक्रवार देर शाम इस घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने कचहरी चौक को जाम कर दिया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद जाम हटवाया गया। मृतक छात्र की पहचान मलयपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी तारकेश्वर प्रसाद पंडित के पुत्र आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो कक्षा दस का छात्र था और विद्यालय के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। जानकारी के अनुसार छात्र का शव छात्रावास के बाथरूम में गमछे के सहारे फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना का पता उस समय चला जब सहपाठियों ने उसे बाथरूम में इस अवस्था में देखा। आनन-फानन में छात्र को फंदे से उतारकर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्र-छात्राओं के बीच भय का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही सतीश सुमन सहित टाउन थाना पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने प्रारंभिक जांच करते हुए विद्यालय प्रशासन और छात्र के परिजनों से पूछताछ की तथा आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि आनंद कुमार के शरीर, विशेषकर पीठ और पैरों पर चोट के निशान पाए गए हैं, जो मारपीट की ओर संकेत करते हैं। उनका आरोप है कि छात्र की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने कचहरी चौक पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिसके बाद पुलिस ने समझाकर स्थिति को सामान्य किया। वहीं दूसरी ओर विद्यालय प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विद्यालय के प्राचार्य सुजीत कुमार और अन्य शिक्षकों का कहना है कि छात्र पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था और संभवतः उसी कारण उसने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय में किसी प्रकार की मारपीट या दुर्व्यवहार की घटना नहीं हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। वैज्ञानिक जांच दल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। छात्र की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही संभव होगा। इस घटना ने एक बार फिर छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालयों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और परिजनों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल अब भी बना हुआ है।

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