बीपीएससी 71वीं मुख्य परीक्षा शुरू, 1298 पदों के लिए पटना में 22 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

  • छह दिनों तक चलेगी लिखित परीक्षा, 13 हजार से अधिक अभ्यर्थी ले रहे भाग
  • कदाचार रोकने को सख्त व्यवस्था, सीसीटीवी, जैमर और पुलिस बल की तैनाती

पटना। बिहार में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बहुप्रतीक्षित बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 71वीं संयुक्त मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 13,024 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा का आयोजन राजधानी पटना के 22 परीक्षा केंद्रों पर किया गया है। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य की विभिन्न प्रतिष्ठित सेवाओं में कुल 1298 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार पुलिस सेवा समेत कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा राज्य की प्रशासनिक संरचना में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। परीक्षा के पहले दिन दो पालियों में आयोजन किया गया। पहली पाली में सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुआ, जबकि दूसरी पाली में निबंध पत्र की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की गई। दोनों पालियों में अभ्यर्थियों की उपस्थिति संतोषजनक रही और परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा का क्रमबद्ध संचालन किया जा रहा है। 27 अप्रैल को सामान्य अध्ययन का प्रथम पत्र, 28 अप्रैल को सामान्य अध्ययन का द्वितीय पत्र आयोजित होगा। इसके बाद 29 अप्रैल को ऐच्छिक विषय की परीक्षा और 30 अप्रैल को वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी से संबंधित ऐच्छिक विषय की परीक्षा ली जाएगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित समय के अनुसार आयोजित होंगी। इस परीक्षा के जरिए जिन पदों पर भर्ती की जानी है, उनमें 100 वरिष्ठ उप समाहर्ता, 14 पुलिस उपाधीक्षक, 79 वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी, 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी और 502 प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य पद शामिल हैं। इन पदों के लिए प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसमें शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए आयोग और जिला प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सिग्नल अवरोधक उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की जा रही है। प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जा रहा है। मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है। किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए विशेष निगरानी दल भी तैनात किए गए हैं, जो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी केंद्रों पर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किए गए हैं, जहां से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा केंद्रों के आसपास यातायात और सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त रखी गई है, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अभ्यर्थियों में परीक्षा को लेकर उत्साह और गंभीरता दोनों देखने को मिल रही है। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित रहा और समय प्रबंधन के साथ परीक्षा देना संभव रहा। वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने इसे चुनौतीपूर्ण भी बताया, लेकिन अधिकांश ने परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बताया। बीपीएससी की यह मुख्य परीक्षा राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई है। आयोग द्वारा की गई सख्त व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रिया से यह उम्मीद की जा रही है कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा। आने वाले दिनों में बाकी परीक्षाओं के सफल आयोजन पर भी सभी की नजर बनी रहेगी।

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