सुपौल में इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख
- दमकल की देरी से पहुंचने पर लोगों में आक्रोश, सशस्त्र सीमा बल की मदद से पाया गया काबू
- आग लगने के कारणों का नहीं चला पता, प्रशासन कर रहा नुकसान का आकलन
सुपौल। बिहार के सुपौल जिले के भीमनगर क्षेत्र में गुरुवार रात एक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई, जिसमें एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सहरसा चौक स्थित लक्ष्मी इलेक्ट्रॉनिक्स नामक दुकान में रात करीब 9 बजे अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखा सारा सामान देखते ही देखते जलकर नष्ट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले चुकी थीं। दुकान के अंदर रखे पंखे, बिजली के तार, मोटर, ध्वनि प्रणाली उपकरण और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस हादसे में लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। हालांकि, लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी करीब एक घंटे की देरी से घटनास्थल पर पहुंची, जिससे आग और अधिक भड़क गई। इस देरी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने मौके पर नारेबाजी भी की। जब दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तो आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। प्रारंभ में तीन दमकल वाहन आग पर काबू पाने में जुटे, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे इसे पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। इसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सशस्त्र सीमा बल के दो पानी के टैंकरों को बुलाया गया। उनके सहयोग से काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी सक्रिय हो गई। भीमनगर, वीरपुर, रतनपुर और बलुआ थाना क्षेत्रों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। प्रशासन ने भीड़ को हटाने और राहत कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। घटनास्थल पर वीरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार भी पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने आग बुझाने के कार्य में तेजी लाने और नुकसान के आकलन के निर्देश दिए। दुकान के मालिक सुरेश सिंह ने बताया कि उनकी दुकान में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान रखा हुआ था, जो पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। उन्होंने बताया कि यह उनके जीवन की सबसे बड़ी आर्थिक क्षति है। प्रशासन की ओर से अब नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है, ताकि आगे की सहायता और मुआवजे पर निर्णय लिया जा सके। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट जैसी आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही कारणों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया है। भीमनगर की यह घटना स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा झटका है, जहां एक व्यापारी की वर्षों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और राहत कार्यों पर टिकी हुई है।


