August 28, 2026

मुजफ्फरपुर में यात्री से ठगी, झांसे में लेकर सामान चोरी और खाते से हजारों रुपये उड़ाए

  • बस स्टैंड पर दो शातिरों ने बनाया निशाना, गुप्त भुगतान पहचान संख्या पूछकर निकाले पैसे
  • पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही जांच और आरोपियों की तलाश

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक बार फिर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शातिर अपराधियों ने एक यात्री को अपने जाल में फंसाकर न केवल उसका सामान चोरी कर लिया, बल्कि उसके बैंक खाते से हजारों रुपये भी निकाल लिए। यह घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के बैरिया बस स्टैंड की है, जहां सुबह के समय कम भीड़ का फायदा उठाकर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की पहचान मोतीपुर थाना क्षेत्र के चूल्हा विशुनपुर गांव निवासी अवधेश कुमार के रूप में हुई है। उन्होंने इस संबंध में अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को दिए गए आवेदन में अवधेश कुमार ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश से यात्रा कर 9 अप्रैल की सुबह करीब चार बजे मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इसके बाद वह बस पकड़ने के लिए सुबह करीब पांच बजे बैरिया बस स्टैंड पहुंचे। पीड़ित के अनुसार, बस स्टैंड पर पहुंचते ही दो अज्ञात युवक उनके पास आए और बातचीत के बहाने उन्हें अपने झांसे में ले लिया। धीरे-धीरे उन्होंने विश्वास जीतते हुए उनसे व्यक्तिगत जानकारी हासिल करनी शुरू कर दी। इसी दौरान शातिरों ने चालाकी से उनसे गुप्त भुगतान पहचान संख्या की जानकारी ले ली। जानकारी मिलते ही अपराधियों ने तुरंत उनके बैंक खाते से करीब 20 हजार रुपये निकाल लिए। इसके साथ ही मौका पाकर उनका सामान भी लेकर फरार हो गए। जब तक पीड़ित को इस ठगी का एहसास हुआ, तब तक आरोपी वहां से गायब हो चुके थे। घटना के बाद अवधेश कुमार ने तत्काल अहियापुर थाना पहुंचकर मामले की जानकारी दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे निगरानी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला योजनाबद्ध ठगी का प्रतीत हो रहा है। अपराधियों ने पहले पीड़ित को मानसिक रूप से भरोसे में लिया और फिर उससे महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर वारदात को अंजाम दिया। इस तरह की घटनाएं हाल के दिनों में बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम लोगों में चिंता का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी अजनबी व्यक्ति को अपनी बैंकिंग या डिजिटल भुगतान से जुड़ी गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए। विशेष रूप से गुप्त भुगतान पहचान संख्या जैसी संवेदनशील जानकारी साझा करना खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस ने भी आम लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के मामलों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही डिजिटल लेनदेन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। मुजफ्फरपुर की यह घटना लोगों के लिए एक चेतावनी है कि वे सतर्क रहें और अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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