मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में लंबित राशि जल्द मिलेगी, एक महीने में 18 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये देने का ऐलान
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहरसा में किया घोषणा, कहा सभी पात्र महिलाओं को शीघ्र मिलेगी सहायता राशि
- रोजगार शुरू करने के बाद व्यवसाय विस्तार के लिए दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद भी मिलेगी
सहरसा/पटना। बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सहायता राशि का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जिन महिलाओं को अभी तक योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता राशि नहीं मिली है, उन्हें एक महीने के भीतर यह राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। यह घोषणा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान सहरसा में की। राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत महिलाओं को पहले चरण में 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, ताकि वे छोटे स्तर पर कोई रोजगार या व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके बाद यदि महिलाएं अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहती हैं, तो उन्हें अधिकतम दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। हाल के दिनों में यह खबर सामने आई थी कि महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता राशि नहीं दी जाएगी और केवल उन महिलाओं को आगे सहायता मिलेगी जिन्होंने पहले ही राशि लेकर रोजगार शुरू कर दिया है। इस खबर के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था और कहा था कि चुनाव के बाद सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है। इन आरोपों के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार अपने वादे पर कायम है और सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 18 लाख ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें अभी तक 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता राशि नहीं मिल सकी है। सरकार ने निर्णय लिया है कि इन सभी महिलाओं को एक महीने के भीतर यह राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार चाहती है कि महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं को प्रारंभिक सहायता राशि मिलेगी, वे उससे छोटे स्तर पर अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं। इसके बाद यदि उनका व्यवसाय अच्छा चलता है और वे उसे आगे बढ़ाना चाहती हैं, तो उन्हें दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे महिलाओं को अपने व्यवसाय को विस्तार देने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से राज्य में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे-छोटे व्यवसायों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। राज्य सरकार के इस ऐलान के बाद योजना का लाभ पाने की प्रतीक्षा कर रही लाखों महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि निर्धारित समय के भीतर सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाती है, तो बड़ी संख्या में महिलाएं जल्द ही अपने रोजगार की शुरुआत कर सकेंगी और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी।


