आईपीएल टीमों के अभ्यास सत्र के लिए नए नियम लागू, अब साझा नेट पर अभ्यास नहीं कर सकेंगी टीमें

  • हर टीम को अभ्यास के लिए अलग नेट और पिच मिलेगी, अधिकतम दो अभ्यास मैच खेलने की अनुमति
  • मुख्य पिच पर मैच से चार दिन पहले तक अभ्यास पर रोक, अभ्यास समय तय करने में घरेलू टीम को प्राथमिकता

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र को लेकर टीमों के अभ्यास सत्र के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नए नियमों के अनुसार अब कोई भी टीम उस अभ्यास जाल या पिच का उपयोग नहीं कर सकेगी, जिस पर पहले कोई दूसरी टीम अभ्यास कर चुकी हो। इस निर्णय का उद्देश्य सभी टीमों को समान और निष्पक्ष अभ्यास सुविधाएं उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक टीम को अभ्यास के लिए अलग और नई पिच तथा अभ्यास जाल उपलब्ध कराया जाएगा। यदि दो टीमें अलग-अलग समय पर अभ्यास करती हैं, तब भी पहली टीम द्वारा उपयोग किए गए अभ्यास जाल या पिच को दूसरी टीम को नहीं दिया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि इससे अभ्यास सुविधाओं को लेकर किसी भी तरह की असमानता या विवाद की स्थिति नहीं बनेगी। इसके अलावा दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई टीम निर्धारित समय से पहले अपना अभ्यास समाप्त कर देती है, तब भी दूसरी टीम उस टीम द्वारा उपयोग की गई रेंज हिटिंग पिच या अभ्यास क्षेत्र का उपयोग नहीं कर सकेगी। इसका मतलब यह है कि प्रत्येक टीम को पूरी तरह अलग अभ्यास क्षेत्र ही प्रदान किया जाएगा। भारतीय प्रीमियर लीग का नया सत्र 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला गत वर्ष की विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। इससे एक दिन पहले 11 मार्च को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने पूरे सत्र का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। नई गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक टीम को अभ्यास मुकाबले खेलने की भी सीमित अनुमति दी गई है। किसी भी फ्रेंचाइजी को बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद अधिकतम दो अभ्यास मैच खेलने की इजाजत होगी। हालांकि यह मुकाबले मुख्य पिच पर नहीं खेले जाएंगे, बल्कि स्टेडियम के सहायक विकेट पर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि किसी फ्रेंचाइजी के पहले घरेलू मैच से चार दिन पहले तक मुख्य पिच पर किसी प्रकार का अभ्यास सत्र या अभ्यास मैच आयोजित नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य पिच को प्रतियोगिता के लिए सही स्थिति में तैयार रखना है ताकि मैच के दौरान खेल की गुणवत्ता बनी रहे। अभ्यास सत्र के समय निर्धारण को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के अनुसार अभ्यास के समय तय करने में घरेलू टीम को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि दोनों टीमें एक ही समय पर अभ्यास करना चाहती हैं और आपसी सहमति नहीं बन पाती है, तो भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड हस्तक्षेप कर अलग-अलग समय तय करेगा। दिशा-निर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि अभ्यास सत्र के दौरान भोजन व्यवस्था, चिकित्सकीय सुविधा, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं की जिम्मेदारी घरेलू फ्रेंचाइजी की होगी। वहीं मेहमान टीम को अपने पेय पदार्थों की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। इन नए नियमों को लागू करने का उद्देश्य इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान सभी टीमों को समान अवसर देना और प्रतियोगिता को अधिक व्यवस्थित बनाना है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अभ्यास व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और टीमों के बीच किसी प्रकार के विवाद की संभावना कम होगी।

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