राज्यसभा चुनाव पर अशोक चौधरी का बड़ा दावा, कहा- 12 विपक्षी विधायक हमारे संपर्क में, 16 तारीख को पता चलेगा

पटना। बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और विपक्षी महागठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप और दावों का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार शाम पटना में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चुनावी रणनीति, मतदान की प्रक्रिया और विधायकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद गठबंधन के नेताओं ने विश्वास जताया कि राज्यसभा की पांचों सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खाते में जाएंगी। वहीं विपक्षी दलों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव में महागठबंधन को बढ़त मिलेगी।
अशोक चौधरी का बड़ा दावा
बैठक के बाद बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की स्थिति मजबूत है और विपक्षी दलों के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। अशोक चौधरी ने कहा कि गठबंधन के पास अतिरिक्त वोट मौजूद हैं और मतदान के दिन पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के लगभग 12 विधायक उनके संपर्क में हैं। उनके अनुसार चुनाव परिणाम आने के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में विपक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
मतदान की प्रक्रिया पर हुई चर्चा
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में विधायकों को मतदान की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी विधायक मतदान की प्रक्रिया को ठीक से समझ लें। उन्होंने कहा कि कई विधायक पहली बार राज्यसभा चुनाव में मतदान करेंगे, इसलिए उन्हें मतदान की तकनीकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना आवश्यक था। उन्होंने यह भी बताया कि 14 तारीख को उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
पहली बार मतदान करने वाले विधायकों को दी गई जानकारी
भारतीय जनता पार्टी की विधायक मैथिली ठाकुर ने बताया कि कई विधायक पहली बार राज्यसभा चुनाव में मतदान करेंगे। इसलिए बैठक के दौरान उन्हें मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के समय किसी भी प्रकार का भ्रम या तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो। इससे चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगी।
अन्य नेताओं ने भी जताया भरोसा
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अन्य नेताओं ने भी चुनाव में जीत का भरोसा जताया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने कहा कि गठबंधन के सभी उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे। उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे अक्सर बड़े-बड़े दावे करते रहते हैं। उनके अनुसार चुनाव के बाद वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। इसी तरह बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और जमा खान ने भी कहा कि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं और वे पांचों उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जदयू ने भी जताया भरोसा
जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी चुनाव को लेकर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन की बैठक में मतदान की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी विधायकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन चाहे जो भी दावा करे, लेकिन राज्यसभा की पांचों सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ही जीतेगा। उनके अनुसार गठबंधन के सभी दल पूरी तरह एकजुट हैं।
महागठबंधन ने किया दावे का खंडन
दूसरी ओर विपक्षी महागठबंधन ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दावों को खारिज कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि सेकुलर विचारधारा में विश्वास रखने वाले सभी विधायक महागठबंधन के साथ हैं। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के पास पर्याप्त समर्थन है और उनकी संख्या 45 से 50 तक पहुंच सकती है। उनके अनुसार पांचवीं सीट पर भी महागठबंधन की जीत तय है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि महागठबंधन के उम्मीदवार को सभी सहयोगी दलों का समर्थन मिलेगा और कोई भी उनकी सीट नहीं छीन सकता।
चुनाव परिणाम पर टिकी निगाहें
बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों पक्षों की ओर से जीत के दावे किए जा रहे हैं। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन जहां सभी सीटें जीतने का दावा कर रहा है, वहीं महागठबंधन भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मतदान के दिन विधायकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और उसी के आधार पर अंतिम परिणाम तय होगा।
16 तारीख को होगा मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए 16 तारीख को मतदान कराया जाएगा। मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित होने की संभावना है। फिलहाल बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। अब सभी की नजरें मतदान के दिन पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्यसभा की सीटों पर किस गठबंधन का पलड़ा भारी पड़ता है।

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