पटना समेत कई जिलों में रसोई गैस की किल्लत, अस्थायी रूप से हटाई गई ओटीपी आधारित डिलीवरी प्रणाली

  • सरकार ने वितरण व्यवस्था पर बढ़ाई निगरानी, अब ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा
  • व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कमी से होटल और छोटे व्यवसाय प्रभावित, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

पटना। राजधानी पटना सहित बिहार के कई हिस्सों में घरेलू रसोई गैस की कमी ने आम लोगों और छोटे व्यवसायियों की परेशानी बढ़ा दी है। गैस सिलिंडर की अनियमित आपूर्ति के कारण कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। इस बीच राज्य सरकार ने गैस वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए फिलहाल एक बार उपयोग होने वाले पासवर्ड आधारित गैस डिलीवरी प्रणाली को अस्थायी रूप से हटा दिया है। इसके बाद अब उपभोक्ताओं को ऑफलाइन माध्यम से भी गैस बुकिंग करने की सुविधा दी गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की कमी से होटल, रेस्टोरेंट, ठेला और छोटे व्यवसायियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पटना के कई बड़े होटल गैस की कमी से निपटने के लिए वैकल्पिक उपायों का सहारा ले रहे हैं। कई होटलों में अब प्रेरण चूल्हा, हीटर, कोयला और चारकोल का इस्तेमाल बढ़ा दिया गया है ताकि भोजन सेवा प्रभावित न हो। वहीं छोटे होटल और सड़क किनारे खाद्य व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए स्थिति और अधिक कठिन हो गई है। दूसरी ओर गृहिणियों और आम उपभोक्ताओं को भी गैस की कमी के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। कई इलाकों में लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर पहुंच रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले कई उपभोक्ता भी समय पर सिलिंडर नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार कई स्थानों पर सिलिंडर की आपूर्ति में भारी अंतर आ गया है। उदाहरण के तौर पर जहां एक एजेंसी को 540 सिलिंडरों की आवश्यकता होती है, वहां केवल 341 सिलिंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस कारण एक सप्ताह से लेकर दस दिनों तक की प्रतीक्षा सूची बन गई है। राजधानी के पटेल नगर, बोरिंग कैनाल रोड, राजा बाजार, कंकड़बाग और राजेंद्र नगर जैसे इलाकों में मांग के मुकाबले गैस सिलिंडर कम उपलब्ध हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी भी बढ़ रही है। कई स्थानों पर लोग गैस एजेंसियों के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए भी दिखाई दिए। कुछ क्षेत्रों में सिलिंडर वितरण के दौरान वेंडरों और उपभोक्ताओं के बीच कहासुनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। शिवपुरी, पटेल नगर और आसपास के इलाकों में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी बुलाना पड़ा। कई एजेंसी संचालकों और वितरण कर्मियों ने सुरक्षा की मांग की है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने निगरानी और नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर गैस सिलिंडर की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भी जिलों में विशेष निगरानी अभियान चलाने और घरेलू गैस सिलिंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। वहीं पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सामाजिक माध्यमों पर निगरानी बढ़ाने, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और शिकायतों के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का आदेश दिया है। प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि फिलहाल राजधानी और बड़े शहरों में लोगों की परेशानी पूरी तरह कम नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन की सख्ती से अवैध कारोबार पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।

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