प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी, बिहार के लाखों किसानों को मिलेगा लाभ

  • गुवाहाटी से प्रधानमंत्री करेंगे राशि जारी, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से किसानों के खातों में जाएगी सहायता
  • बिहार के 73 लाख से अधिक किसानों को करीब 1467 करोड़ रुपये मिलने की संभावना, कृषि मंत्री ने दी जानकारी

पटना। किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 13 मार्च 2026 को योजना की 22वीं किस्त जारी की जाएगी। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी शहर से देशभर के किसानों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता की राशि भेजेंगे। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में स्थानांतरित की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत किसानों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है। खास तौर पर बिहार के किसानों के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार के लगभग 73.34 लाख पात्र किसानों को इस योजना का लाभ मिलने वाला है। उनके अनुसार राज्य के किसानों के बैंक खातों में करीब 1,467 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक और किसान हितैषी पहल है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में किसानों के बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित की जाती है। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना और खेती-किसानी से जुड़े खर्चों में उन्हें सहायता प्रदान करना है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष रूप से लाभ मिलता है, क्योंकि उन्हें खेती के लिए बीज, खाद और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में मदद मिलती है। कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि बिहार सरकार इस योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य स्तर पर किसानों का पंजीकरण, आधार सत्यापन और बैंक खातों को राष्ट्रीय भुगतान निगम से जोड़ने की प्रक्रिया तेज गति से पूरी की जा रही है, ताकि पात्र किसानों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने राज्य के किसानों से अपील की कि जो किसान अभी तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से नहीं जुड़े हैं, वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण करा लें और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें। इससे उन्हें भी इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ मिल सकेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में राहत मिलती है और उनकी आय को स्थिर बनाने में मदद मिलती है। साथ ही प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के कारण सहायता राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचती है, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितता की संभावना कम हो जाती है। इस प्रकार 13 मार्च का दिन देश और विशेष रूप से बिहार के किसानों के लिए आर्थिक सहायता और नई उम्मीद लेकर आने वाला है, जब लाखों किसानों के खातों में सीधे सहायता राशि पहुंचने वाली है।

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