अररिया में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, कहा- राज्य में फिर से 42 हज़ार नए शिक्षक होंगे बहाल, विपक्ष पर जमकर किया हमला

अररिया/पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान अररिया जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और पूर्ववर्ती लालू-राबड़ी शासन पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और लोग शाम ढलने के बाद घर से बाहर निकलने में डरते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब उनकी सरकार बनी, उस समय स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी काफी खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों को पहले शासन का अवसर मिला, उन्होंने विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि उस समय सामाजिक सौहार्द की स्थिति भी ठीक नहीं थी और कई जगहों पर साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आती थीं। नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरू कराया। इसके बाद वर्ष 2016 में 60 वर्ष से अधिक पुराने मंदिरों की घेराबंदी की पहल की गई। उनके अनुसार इस कदम से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ी और मंदिरों में चोरी की घटनाओं में कमी आई। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2006 से ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल योजना और अन्य योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की गई। बाद में बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की व्यवस्था लागू की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में वर्तमान समय में सरकारी शिक्षकों की संख्या पांच लाख चौबीस हजार से अधिक हो चुकी है और लगभग 45 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं थी। वर्ष 2006 से उनकी सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था शुरू की। उन्होंने बताया कि पहले बिहार में केवल छह चिकित्सा महाविद्यालय थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर बारह हो गई है और हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पटना स्थित पीएमसीएच अस्पताल का विस्तार किया गया है, जहां अब 5403 बिस्तरों की व्यवस्था हो गई है। इसके अलावा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में भी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में सड़क और पुलों के निर्माण को भी अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पहले बिहार के दूरदराज इलाकों से पटना आने में काफी समय लगता था, लेकिन अब बेहतर सड़कों के कारण राज्य के किसी भी कोने से राजधानी तक पहुंचने में लगभग पांच से छह घंटे का समय लगता है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि और मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मछली उत्पादन पहले की तुलना में लगभग ढाई गुना बढ़ गया है और कृषि विकास के लिए चौथे कृषि मार्गदर्शक कार्यक्रम के तहत कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2015 में इसकी शुरुआत की गई थी, जिसके बाद वर्ष 2020 में इसका दूसरा चरण लागू किया गया। वर्तमान समय में सात निश्चय के तीसरे चरण के तहत विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने लोगों को मुफ्त बिजली देने की पहल की है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है। अपने अररिया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने नए पुलिस केंद्र के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक योजनाओं के स्टॉल का निरीक्षण किया। इसके अलावा कोशी दुग्ध परियोजना के अंतर्गत अररिया केंद्र के सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण योजना का उद्घाटन किया और दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने जीएनएम छात्रावास का उद्घाटन किया और जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास सहित अन्य छात्रावासों में रह रहे छात्रों से भी बातचीत की। प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा और उनकी प्रगति का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया।

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