राष्ट्रपति का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा देश: प्रभाकर मिश्र
- करारी हार की आशंका से हताशा में हैं ममता बनर्जी
- जल्द ही पश्चिम बंगाल में खिलेगा मुस्कुराता हुआ कमल
पटना। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का अपमान देश कभी सहन नहीं करेगा। राष्ट्रपति का पद कोई राजनीतिक नहीं, बल्कि सांवैधानिक पद है। राष्ट्रपति का सम्मान व्यक्ति का सम्मान नहीं बल्कि राष्ट्र का सम्मान होता है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने गयीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करने के लिए न मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उपस्थित थीं और न ही पश्चिम बंगाल सरकार का कोई मंत्री। इसे महज संयोग नहीं कहा जा सकता। बल्कि देश के सर्वोच्च सांवैधानिक पद को अपमानित करने की सोची-समझी साज़िश थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के पद का अपमान करने के साथ-साथ एक ऐसी महिला का अपमान किया है, जो देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं और आदिवासी समाज से आती हैं। असल में ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करारी हार का डर सता रहा है, हार के डर से वह मानसिक रूप से शून्य हो चुकीं हैं। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल को भूल जाना या जानबूझकर अनदेखी करना मानसिक शून्यता को ही दर्शाता है। मिश्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल टीएमसी के हाथ से निकल चुका है। ममता बनर्जी खुद अपनी सीट भी बचा नहीं पाएंगी। ममता बनर्जी और टीएमसी की करारी हार होनी भी चाहिए, क्योंकि ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल में बंगाल को दिया ही क्या है। अपराध, गरीबी और बेरोज़गारी। अब बंगाल में मुस्कुराता हुआ कमल खिलेगा, जो बंगाल को विकास और समृद्धि की राह पर ले जाएगा।


