बेगूसराय सिविल कोर्ट को ई-मेल से बम धमाके की धमकी, पुलिस और प्रशासन अलर्ट
- सायनाइड गैस से भरे बम होने का दावा, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की सघन तलाशी और जांच
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित सिविल न्यायालय को ई-मेल के माध्यम से बम धमाके की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। देर रात लगभग 12 बजकर 42 मिनट पर भेजे गए इस ई-मेल में दावा किया गया है कि न्यायालय परिसर और न्यायाधीश के कक्ष में सायनाइड गैस से भरे कई बम लगाए गए हैं, जो किसी भी समय विस्फोट कर सकते हैं। धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत सतर्क हो गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मिली जानकारी के अनुसार धमकी भरे ई-मेल में लिखा गया है कि सोमवार दोपहर एक बजे से पहले किसी भी समय विस्फोट हो सकता है। संदेश में यह भी दावा किया गया है कि न्यायालय परिसर और न्यायाधीश के कक्ष में कुल 14 बम रखे गए हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि कुछ बम मानवरहित उड़ने वाले यंत्र की मदद से न्यायालय परिसर की छतों पर गिराए गए हैं, इसलिए प्रशासन को छतों की भी सघन तलाशी लेनी चाहिए। धमकी मिलने के बाद बेगूसराय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। एहतियात के तौर पर मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है और केवल सुरक्षाकर्मियों को ही परिसर में आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां न्यायालय परिसर के हर हिस्से की गहन जांच कर रही हैं। संदिग्ध वस्तुओं की तलाश के लिए पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। धमकी भरे ई-मेल की शुरुआत न्याय के लिए नांगुनेरी शीर्षक से की गई है। संदेश में लिखने वाले ने न्यायालय की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ई-मेल में यह भी दावा किया गया है कि तमिलनाडु के अजीत कुमार नामक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में कथित रूप से हत्या कर दी गई, जबकि वह निर्दोष था। इसके साथ ही तमिलनाडु के कुछ राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़े पारिवारिक विवादों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों के लीक होने का भी उल्लेख किया गया है। ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को तमिलनाडु रिट्रीवल ट्रूप्स नामक संगठन का सदस्य बताया है। संदेश में यह भी स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि यह कोई झूठी धमकी नहीं है और प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ई-मेल में प्रेषक के रूप में सौरव विश्वास नाम का उल्लेख किया गया है। धमकी मिलने के बाद पुलिस और साइबर अपराध शाखा इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां ई-मेल के इंटरनेट प्रोटोकॉल पते का पता लगाने और प्रेषक की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। संदेश में जिस प्रकार सायनाइड गैस और मानवरहित उड़ने वाले यंत्र जैसे तकनीकी शब्दों का प्रयोग किया गया है, उसे देखते हुए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और न्यायालय परिसर की पूरी तरह से जांच की जा रही है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी वास्तविक है या किसी व्यक्ति द्वारा फैलाया गया भय का माहौल।


