बिहार में प्रचंड गर्मी का प्रकोप, फरवरी में टूटे सभी रिकॉर्ड, आसमान से बरस रही आग

पटना। बिहार में मौसम ने इस साल असामान्य रुख अपना लिया है। फरवरी महीने में ही जिस तरह गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू किया, उसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आमतौर पर जहां फरवरी के आखिरी दिनों तक हल्की ठंड और सुहावना मौसम बना रहता था, वहीं इस बार महीने के अंत तक लोगों को तेज धूप और झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। मार्च की शुरुआत भी इसी तपिश के साथ हुई है और दोपहर के समय हालात ऐसे बन रहे हैं कि लोग पसीने से तर होने लगे हैं।
फरवरी में ही दिखने लगी गर्मी की तीव्रता
इस वर्ष फरवरी के शुरुआती दिनों से ही मौसम में बदलाव साफ नजर आने लगा था। दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी और जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ा, गर्मी का असर और तेज होता गया। राज्य की राजधानी पटना सहित लगभग पूरे बिहार में तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी। सुबह के समय हल्की राहत जरूर मिलती रही, लेकिन दोपहर होते-होते सूरज की किरणें चुभने लगीं। आसमान पूरी तरह साफ रहने के कारण धूप की तीव्रता और अधिक महसूस की गई।
पटना में तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड
फरवरी के अंतिम दिन शनिवार को पटना के तापमान में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री सेल्सियस बढ़कर 32.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह तापमान सामान्य से काफी अधिक है और यह संकेत देता है कि गर्मी इस बार समय से पहले और अधिक तीव्र रूप में सामने आ रही है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों से तुलना करें तो इस बार फरवरी कहीं ज्यादा गर्म रही है।
पिछले वर्षों से ज्यादा गर्म रहा फरवरी
यदि पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ होता है कि इस बार फरवरी में गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। वर्ष 2025 में फरवरी के दौरान अधिकतम तापमान 21 फरवरी को 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं 2024 में यह आंकड़ा 20 फरवरी को 30.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। इसके मुकाबले 2026 में फरवरी के अंत तक तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। इस तरह फरवरी महीने में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखा दिए हैं।
कैमूर बना सबसे गर्म जिला
फरवरी महीने में गर्मी के लिहाज से बिहार का कैमूर जिला सबसे आगे रहा। पूरे महीने के दौरान अधिकतर दिनों में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान कैमूर में दर्ज किया गया। महीने के अंतिम दिन यहां का तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो फरवरी में बिहार का सबसे ऊंचा तापमान माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और धूप से बचने के लिए लोग छांव का सहारा लेने को मजबूर हैं।
ठंड के नाम पर बस हल्की राहत
हालांकि फरवरी की शुरुआत में कुछ दिनों तक हल्की ठंड देखने को मिली थी। महीने का सबसे कम न्यूनतम तापमान 2 फरवरी को सबौर में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होती चली गई। पूरे महीने में कहीं भी कड़ाके की ठंड या शीतलहर जैसी स्थिति नहीं बनी। यही कारण रहा कि फरवरी का महीना सामान्य से अधिक गर्म महसूस किया गया।
बारिश ने भी नहीं दी राहत
फरवरी महीने में बिहार के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। बारिश न होने के कारण मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। नमी की कमी और लगातार साफ आसमान ने तापमान को और बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। मौसम विभाग का मानना है कि यदि हल्की बारिश या बादल छाए होते तो तापमान में कुछ गिरावट आ सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं होने से गर्मी लगातार बढ़ती चली गई।
होली तक राहत के आसार कम
मौसम विभाग के अनुसार होली तक मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जरूर हो सकता है, लेकिन कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। होली के बाद अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। ऐसे में दिन का पारा 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो आम लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
मार्च में और बढ़ेगी गर्मी
मार्च 2026 के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। वहीं न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। राहत की बात यह है कि फिलहाल हीट वेव यानी लू चलने की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन बारिश के आसार बेहद कम हैं। ऐसे में गर्मी का असर लगातार बना रह सकता है।
लोगों की दिनचर्या पर असर
तेजी से बढ़ती गर्मी का असर लोगों की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा बढ़ने लगा है। बाजारों में भीड़ कम नजर आती है और लोग जरूरी काम न होने पर घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग धूप में निकलते समय सावधानी बरतें, पर्याप्त पानी पिएं और खुद को गर्मी से बचाने के उपाय अपनाएं। फरवरी में ही प्रचंड गर्मी का असर यह संकेत दे रहा है कि इस बार गर्मी का मौसम लंबा और ज्यादा तीखा हो सकता है। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले महीनों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है।

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