अरवल में युवक की गोली मारकर हत्या, अपराधियों ने फोन कर बुलाया, वारदात के बाद हुए फरार

अरवल। जिले में सोमवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। महावीरगंज गांव निवासी संजय पंडित की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने पहले फोन कर उन्हें घर से बाहर बुलाया और फिर घात लगाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इस वारदात के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
फोन कॉल के बाद बाहर निकले, वहीं घात लगाकर हमला
जानकारी के अनुसार संजय पंडित पेशे से राज मिस्त्री और ठेकेदार थे। उन्होंने आंध्र चक्र क्षेत्र में मुर्गी फार्म और अस्थायी आवास बना रखा था। सोमवार सुबह उन्हें एक फोन कॉल आया, जिसके बाद वे घर से बाहर निकले। जैसे ही वे आंध्र चक्र इलाके में पहुंचे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोलियां चला दीं। हमले में उन्हें सीने और सिर में दो गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोली की आवाज सुनकर दौड़ा बेटा, तब तक फरार हो चुके थे बदमाश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोली की आवाज सुनकर संजय पंडित का बेटा बाहर की ओर दौड़ा, लेकिन तब तक अपराधी फरार हो चुके थे। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग सहमे नजर आए। कुछ ही देर में घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मौके से मिले अहम सुराग
सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर आसपास के लोगों से पूछताछ की और सीसीटीवी कैमरों की तलाश शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह हत्या सुनियोजित प्रतीत होती है।
तकनीकी जांच पर फोकस, कॉल डिटेल बनी अहम कड़ी
पुलिस इस हत्याकांड में तकनीकी साक्ष्यों पर विशेष ध्यान दे रही है। मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अंतिम लोकेशन की जांच की जा रही है। जिस नंबर से फोन कर संजय पंडित को बाहर बुलाया गया, उसे भी ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोन कॉल इस मामले की सबसे अहम कड़ी है और इसके आधार पर हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
निजी और कारोबारी विवाद दोनों एंगल से जांच
पुलिस यह भी खंगाल रही है कि हत्या के पीछे निजी रंजिश थी या फिर कारोबारी विवाद। संजय पंडित ठेकेदारी और मुर्गी फार्म से जुड़े कारोबार में सक्रिय थे। ऐसे में पैसों के लेन-देन, पुरानी दुश्मनी या आपसी विवाद की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस मृतक के परिजनों और करीबी लोगों से बातचीत कर रही है, ताकि हालिया घटनाक्रम की जानकारी मिल सके।
सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शहर तेलपा–देवकुंड मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। इससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप था कि इलाके में अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस की गश्त नाकाफी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजे की मांग की।
प्रशासन मौके पर, हालात काबू में
सड़क जाम की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। काफी मशक्कत के बाद सड़क जाम हटाया गया और यातायात बहाल हुआ। प्रशासन ने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में दहशत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हत्या के बाद महावीरगंज गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों में सिमट गए हैं। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि संजय पंडित को साजिश के तहत मारा गया है और दोषियों को जल्द पकड़ा जाना चाहिए।
पुलिस का दावा, जल्द होगी गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और घटनास्थल से मिले खोखों की जांच से अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही हत्यारों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। अरवल जिले में हुई यह हत्या न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि इलाके की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि इस सुनियोजित हत्या के पीछे के कारण और अपराधी कब तक सामने आते हैं।

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