पटना सिविल कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, मेल मे लिखा- चार आरडीएक्स रखा है, रिमोट से ब्लास्ट करेंगे

पटना। पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार को पूरे न्यायिक परिसर में हड़कंप मच गया। ई-मेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी ने न केवल प्रशासन और पुलिस को सतर्क कर दिया, बल्कि अदालत में काम से पहुंचे आम लोगों, वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के बीच भी डर और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। लगातार तीसरी बार इस तरह की धमकी मिलने से न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
धमकी भरा ई-मेल और मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, यह धमकी सिविल कोर्ट पटना और जिला बार एसोसिएशन के नाम भेजे गए एक ई-मेल के जरिए दी गई। मेल में लिखा गया था कि न्यायाधीशों के कक्ष और शौचालय में चार अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक रखे गए हैं, जिन्हें दूर से संचालित उपकरण के माध्यम से विस्फोट किया जाएगा। जैसे ही यह सूचना सामने आई, कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने बिना समय गंवाए पूरे परिसर को खाली कराने का निर्णय लिया।
कोर्ट परिसर खाली, कामकाज ठप
धमकी मिलने के तुरंत बाद सभी न्यायाधीश, वकील और न्यायालय कर्मी अपने-अपने कक्षों से बाहर निकल आए। अदालत परिसर में मौजूद वादकारी, गवाह और पेशी पर लाए गए कैदियों को भी तत्काल बाहर भेज दिया गया। एहतियात के तौर पर कोर्ट की सभी न्यायिक गतिविधियों को रोक दिया गया और मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस अचानक लिए गए फैसले से सैकड़ों लोग प्रभावित हुए, जो अपनी सुनवाई और जरूरी काम के लिए कोर्ट पहुंचे थे।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते की सघन जांच
घटना की सूचना मिलते ही पीरबहोर थाना की पुलिस भारी संख्या में कोर्ट परिसर पहुंची। उनके साथ बम निरोधक दस्ता और खोजी कुत्तों की टीम भी मौजूद रही। न्यायाधीशों के कक्ष, शौचालय, गलियारे, रिकॉर्ड कक्ष और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की गई। हर कोने को खंगाला गया ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में किसी तरह के विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए जांच प्रक्रिया देर तक जारी रही।
पूरे बिहार में बढ़ाई गई अदालतों की सुरक्षा
पटना सिविल कोर्ट को धमकी मिलने के बाद इसका असर पूरे राज्य की न्यायिक व्यवस्था पर पड़ा। बिहार के अन्य जिलों की अदालतों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। विशेष रूप से पटना सिटी कोर्ट में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और वहां भी खोजी कुत्तों की मदद से जांच कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी न्यायालय से विस्फोटक मिलने की सूचना नहीं है, लेकिन सतर्कता में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही।
एक महीने में तीसरी धमकी, बढ़ी चिंता
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि पिछले एक महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पहले आठ जनवरी को और फिर 28 जनवरी को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इन धमकियों के पीछे कौन है और उसका उद्देश्य क्या है।
आम लोगों की परेशानी, नाराजगी भी
धमकी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी आम नागरिकों को झेलनी पड़ी। मसौढ़ी से सुनवाई के लिए आए सत्येंद्र सिंह ने बताया कि वे अपने सारे जरूरी काम छोड़कर कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। बिना किसी सुनवाई के उन्हें वापस लौटना पड़ा। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं से आम लोगों को बेवजह मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
साइबर जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। मेल कहां से और किसने भेजा, इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह शरारत है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है। दोषियों की पहचान होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
लगातार मिल रही धमकियों के बीच यह घटना एक बार फिर न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि हर बार जांच में कुछ नहीं मिलता, लेकिन इस तरह की धमकियां व्यवस्था को बार-बार ठप करने और आम लोगों में भय पैदा करने का काम जरूर करती हैं। फिलहाल सिविल कोर्ट परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही नियमित न्यायिक कार्य शुरू किए जाएंगे। प्रशासन का दावा है कि जनता और न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में और भी कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

 

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