राहुल गांधी और नवनीत बिट्टू में तीखी नोकझोंक, नेता प्रतिपक्ष ने कहा गद्दार, बोले- यही वापस आओगे, चिंता मत करों

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में बजट सत्र के दौरान उस समय सियासी माहौल गर्म हो गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। दोनों नेताओं के बीच हुई इस जुबानी टकराव का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण संसद परिसर का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शन के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार यह घटना संसद भवन के मकर द्वार के पास हुई, जहां बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों के सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी दल अमेरिका के साथ हुए समझौते को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा था। इसी दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल थे। प्रदर्शन के बीच ही राहुल गांधी की नजर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर पड़ी और यहीं से विवाद की शुरुआत हो गई।
राहुल गांधी ने बिट्टू को बताया गद्दार
वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को देखते हुए टिप्पणी की और उन्हें गद्दार कहा। उन्होंने वहां मौजूद लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक गद्दार यहां आ रहा है और लोगों से उसका चेहरा देखने को कहा। राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद सांसदों में हलचल बढ़ गई और कुछ सांसद हंसते हुए नजर आए। राहुल गांधी की इस टिप्पणी को लेकर सियासी गलियारों में बहस शुरू हो गई है।
बिट्टू ने राहुल गांधी पर किया पलटवार
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए नजर आए। वीडियो में देखा जा सकता है कि बिट्टू राहुल गांधी और उनके साथ मौजूद सांसदों की ओर इशारा करते हुए उन्हें देश का दुश्मन बताते हैं। इसके बाद वह वहां से आगे बढ़ जाते हैं। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
हाथ मिलाने की कोशिश भी रही चर्चा में
घटना के दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश भी की। उन्होंने बिट्टू को संबोधित करते हुए भाई कहकर अभिवादन करने का प्रयास किया और कहा कि चिंता करने की जरूरत नहीं है, वह दोबारा वापस आएंगे। हालांकि केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। यह दृश्य भी वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल भी वहां मौजूद थे।
निलंबित सांसदों के समर्थन में प्रदर्शन
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब विपक्ष के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था। इन सांसदों के समर्थन में विपक्षी दल संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष लगातार सरकार से अमेरिका के साथ हुए समझौते को लेकर सवाल उठा रहा है और इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।
बिट्टू के कांग्रेस छोड़ने की पृष्ठभूमि
रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। उनके दल बदलने के कारण कांग्रेस और उनके बीच पहले से ही राजनीतिक मतभेद रहे हैं। संसद परिसर में हुई यह घटना भी उसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी मानी जा रही है।
पहले भी लगा चुके हैं गंभीर आरोप
इससे पहले दिसंबर महीने में रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी के भीतर परिवार स्तर पर मतभेद चल रहा है। उन्होंने कहा था कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद हैं और राहुल गांधी इस कारण नाराज बताए जा रहे हैं। बिट्टू के इस बयान पर उस समय भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई थी।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा तनाव
संसद परिसर में हुई इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इसे लोकतांत्रिक असहमति का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इसे अनुचित व्यवहार करार दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी से संसद की गरिमा प्रभावित होती है और इससे राजनीतिक माहौल में तनाव बढ़ता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक टकराव का सामान्य हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी बहस तेज हो गई है।
संसद में जारी है सियासी घमासान
फिलहाल संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल लगातार गरम बना हुआ है। विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में संसद परिसर में हुई यह घटना राजनीतिक विवाद को और गहरा करने वाली मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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