बजट सत्र के पहले दिन व्हीलचेयर से सदन पहुंचे तेजस्वी, पैर में लगी गंभीर चोट, राज्यपाल का अभिभाषण आज

पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत सोमवार को हो गई। सत्र के पहले ही दिन सदन में राजनीतिक हलचल तेज नजर आई, क्योंकि आज राज्यपाल के अभिभाषण के साथ कार्यवाही की शुरुआत होनी है। इसी बीच विधानसभा परिसर में एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गंभीर चोट के कारण व्हीलचेयर पर बैठकर सत्र में भाग लेने पहुंचे। उनके पैर में लगी चोट के चलते चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी, इसके बावजूद उन्होंने सदन में मौजूद रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। सुबह तेजस्वी यादव गाड़ी से बिहार विधानसभा परिसर पहुंचे। वाहन से उतरने के बाद जब वे पैदल विधानसभा भवन की ओर बढ़े, तो उनके कदम लड़खड़ाते दिखाई दिए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और सहयोगियों ने उन्हें सहारा दिया। बाद में विधानसभा के भीतर प्रवेश और सेंट्रल हॉल तक पहुंचने के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई, ताकि उन्हें अतिरिक्त शारीरिक कष्ट न उठाना पड़े। व्हीलचेयर पर तेजस्वी यादव का विधानसभा पहुंचना देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया और मीडिया के कैमरे भी उनकी ओर केंद्रित हो गए। विधानसभा परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों के कई विधायकों ने तेजस्वी यादव की तबीयत को लेकर चिंता जताई और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कुछ विधायकों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर हालचाल भी जाना। हालांकि चोट के बावजूद सत्र के पहले दिन उनकी मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे विपक्ष की भूमिका को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं और किसी भी हालत में सदन की कार्यवाही से दूर नहीं रहना चाहते। बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव के पैर में हाल ही में गंभीर चोट लगी है, जिसके चलते डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा पहुंचने का निर्णय लिया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, क्योंकि बजट सत्र को हमेशा से ही राज्य की राजनीति का सबसे अहम सत्र माना जाता रहा है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा का बजट सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश करती है और अपनी नीतियों, योजनाओं तथा विकास कार्यों का खाका सदन के सामने रखती है। इसके साथ ही विपक्ष सरकार की प्राथमिकताओं, खर्च और नीतिगत फैसलों पर सवाल उठाता है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी यादव की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वे बजट से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुके हैं। सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के साथ कार्यवाही की औपचारिक शुरुआत होनी है। इस अभिभाषण में राज्य सरकार अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं को भी सामने रखेगी। इसके बाद बजट पेश किया जाएगा और उस पर विस्तृत चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे इस बार की बहस के केंद्र में रह सकते हैं। विधानसभा परिसर में पहले दिन सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। बजट सत्र को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में आसपास मौजूद रहे, हालांकि किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। तेजस्वी यादव का व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचना केवल एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य से जुड़ा दृश्य नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक सक्रियता और जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर सामने आया। चोट की अवस्था में भी सदन में उपस्थित रहना यह दर्शाता है कि विपक्ष इस सत्र को लेकर गंभीर है और सरकार की हर घोषणा व प्रस्ताव पर पैनी नजर रखने की तैयारी में है। बजट सत्र के पहले दिन जहां राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज रही, वहीं तेजस्वी यादव की मौजूदगी ने मानवीय संवेदना और राजनीतिक प्रतिबद्धता—दोनों पहलुओं को उजागर किया। अब आने वाले दिनों में बजट और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में तीखी बहस होने की पूरी संभावना है, जिस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी रहेंगी।

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