तेजस्वी पर पंचायती राज मंत्री का हमला, दीपक प्रकाश बोले- राजद में केवल चेहरा बदलता है, चरित्र नहीं

पटना। राष्ट्रीय जनता दल में संगठनात्मक बदलाव के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। तेजस्वी यादव के राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही सत्ताधारी दल ने विपक्ष पर हमले शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राजद में केवल चेहरा बदलता है, लेकिन पार्टी का चरित्र और चाल आज भी वही पुरानी है।
राजद की राजनीति में बदलाव से इनकार
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि तेजस्वी यादव के कार्यकारी अध्यक्ष बनने से राजद की राजनीति या कार्यशैली में किसी तरह का बदलाव आने वाला नहीं है। उनके मुताबिक, यह महज एक औपचारिक पद है, जिससे पार्टी की सोच या नीतियों में सुधार की उम्मीद करना बेकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद केवल चेहरे बदलकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, जबकि उसकी मूल राजनीति अब भी वही है, जिसे बिहार की जनता पहले देख और झेल चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 से 2005 के बीच राजद शासन के दौरान बिहार में अराजकता और अपराध का माहौल रहा, जिसे आमतौर पर जंगलराज के नाम से जाना जाता है। मंत्री के अनुसार, राजद की कार्यसंस्कृति में तब से लेकर अब तक कोई बुनियादी बदलाव नहीं हुआ है।
अपराध और भ्रष्टाचार का आरोप
दीपक प्रकाश ने राजद के इतिहास को अपराध, अराजकता और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी की पहचान आज भी उसी दौर से जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता राजद के उस शासनकाल को भूली नहीं है, जब कानून-व्यवस्था कमजोर थी और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। मंत्री ने कहा कि तेजस्वी यादव को नया पद मिलने से पार्टी की छवि साफ नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, जब तक विचारधारा और नीति में बदलाव नहीं होता, तब तक संगठनात्मक बदलाव का कोई मतलब नहीं है।
एनडीए सरकार के कामकाज का दावा
मंत्री दीपक प्रकाश ने मौजूदा एनडीए सरकार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और सुशासन स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की रफ्तार तेज हुई है और सरकार ने सड़क, बिजली, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में ठोस काम किया है। उनका कहना था कि जनता अब पीछे लौटने के मूड में नहीं है। बिहार की जनता विकास और सुशासन चाहती है और यही वजह है कि वह एनडीए सरकार पर भरोसा कर रही है। मंत्री ने दावा किया कि आने वाले समय में भी जनता राजद की बजाय एनडीए के विकास मॉडल को ही समर्थन देगी।
पुराने एजेंडे पर चलने का आरोप
दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि राजद आज भी पुराने एजेंडे पर ही चल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने न तो अपनी नीतियों में बदलाव किया है और न ही अपने नेतृत्व के तरीके में। मंत्री के मुताबिक, यदि राजद को दोबारा सत्ता मिली, तो वह बिहार को फिर उसी दौर में ले जाने की कोशिश करेगी, जिसे जनता पहले ही नकार चुकी है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब जागरूक है और उसे पता है कि कौन सी पार्टी राज्य के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है।
राजद के भीतर भी बयानबाजी
तेजस्वी यादव के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद राजद के भीतर और बाहर दोनों जगह बयानबाजी देखने को मिल रही है। इस फैसले पर पार्टी के भीतर से भी तीखी टिप्पणियां सामने आई हैं। इससे पहले रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्हें कठपुतली शहजादा बताया था। रोहिणी आचार्य के इस बयान पर तेज प्रताप यादव ने भी प्रतिक्रिया दी थी और बहन की बातों को सौ फीसदी सही बताया था। इन बयानों ने राजद के भीतर पारिवारिक और राजनीतिक मतभेदों की चर्चा को और हवा दे दी है।
राजनीतिक माहौल गरम
तेजस्वी यादव के नए पद के साथ ही बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सत्ताधारी दल जहां इसे महज औपचारिक बदलाव बता रहा है, वहीं राजद इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बयान सामने आ सकते हैं। खासकर जैसे-जैसे चुनावी माहौल बनेगा, वैसे-वैसे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, मंत्री दीपक प्रकाश के बयान से यह साफ है कि एनडीए सरकार राजद और तेजस्वी यादव को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। वहीं, राजद भी इन आरोपों का जवाब देने की तैयारी में जुटी है। बिहार की राजनीति में यह टकराव आने वाले समय में और गहराने के संकेत दे रहा है।

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