सीवान में राजद विधायक ओसामा शहाब के ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी, जमीन कब्जा मामले में जांच तेज

  • डीआईजी ने खुद संभाली कमान, सुबह दो घंटे चली कार्रवाई, कई स्थानों पर एक साथ छापे, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
  • रंगदारी और जमीन कब्जा मामले से जुड़ी जांच, अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज

सीवान। बिहार के सीवान में सोमवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सांसद दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे और राष्ट्रीय जनता दल के विधायक ओसामा शहाब से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई और लगभग दो घंटे तक चली। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और आम लोगों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपमहानिरीक्षक निलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने किया। उनके साथ मुफस्सिल और नगर थाना की पुलिस टीम भी मौजूद थी। अधिकारियों के अनुसार यह छापेमारी जमीन कब्जा और रंगदारी से जुड़े एक गंभीर मामले की जांच के तहत की गई है। जानकारी के अनुसार महादेव थाना क्षेत्र में एक चिकित्सक की जमीन को जबरन कब्जा करने का मामला दर्ज कराया गया है। इसी मामले में ओसामा शहाब का नाम सामने आया है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जब जांच शुरू की गई, तो इसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आई, जिनमें स्थानीय विधायक का नाम भी शामिल है। पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। पहली कार्रवाई शहर क्षेत्र में स्थित नए आवास पर की गई, जबकि दूसरी छापेमारी पैतृक घर पर की गई, जो संबंधित थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। दोनों स्थानों पर पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल की और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। हालांकि छापेमारी के दौरान क्या बरामद हुआ, इस बारे में पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की है। उनका कहना है कि यह जांच का हिस्सा है और उचित समय आने पर ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। छापेमारी के दौरान ओसामा शहाब और उनकी माता हिना शहाब दोनों ही घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस दोनों से पूछताछ के लिए उनकी तलाश कर रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। इस पूरे मामले में आरोप है कि एक चिकित्सक की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई और इसमें रंगदारी जैसे गंभीर तत्व भी शामिल हैं। प्राथमिकी में ओसामा शहाब के अलावा फरहान, सबीर समेत 30 से अधिक नामजद और अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायत गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के निवासी चिकित्सक की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई है। गौरतलब है कि सीवान की अदालत ने 28 अप्रैल को इस मामले में ओसामा शहाब की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उनके अधिवक्ता ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बाद से यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से की जा रही है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, इलाके में छापेमारी को लेकर लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सीवान में हुई यह छापेमारी राज्य की कानून व्यवस्था और आपराधिक मामलों पर कार्रवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के अगले चरण में क्या खुलासे होते हैं और पुलिस इस मामले को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।