February 24, 2026

पटना में अब बर्थ सर्टिफिकेट बनाना होगा आसान, माता-पिता के आधार के साथ केवल लगेगा एफिडेविट, निर्देश जारी

पटना। नए साल की शुरुआत होते ही बिहार, खासकर पटना में स्कूल और कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया तेज हो गई है। जैसे ही एडमिशन का दौर शुरू होता है, वैसे ही अभिभावकों पर बच्चों के जरूरी दस्तावेज जुटाने का दबाव भी बढ़ जाता है। इनमें सबसे अहम दस्तावेज बर्थ सर्टिफिकेट होता है, जो स्कूल एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए अनिवार्य माना जाता है। कई मामलों में बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र या तो बनवाया नहीं गया होता या फिर समय के साथ खो जाता है, जिससे अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए बड़ा फैसला
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया को पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज कर दिया है। नगर निगम ने निर्देश जारी किए हैं कि अब 10वीं कक्षा के रजिस्ट्रेशन से पहले बच्चों का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए केवल माता-पिता का आधार कार्ड और एक एफिडेविट ही पर्याप्त होगा। इससे पहले इस प्रक्रिया में कई तरह के दस्तावेज, गवाह और लंबी जांच शामिल होती थी, जिसके कारण लोगों को अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
अब आसान होगी प्रक्रिया, कम होंगे कागजात
नगर निगम के नए निर्देशों के बाद अब अभिभावकों को ज्यादा दस्तावेज जुटाने की जरूरत नहीं होगी। माता-पिता के आधार कार्ड के साथ एक एफिडेविट जमा करने पर बर्थ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह व्यवस्था खासतौर पर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है, जिनका रजिस्ट्रेशन 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए होने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, 10वीं के बाद बर्थ सर्टिफिकेट शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर तैयार किया जाएगा, जिससे आगे की प्रक्रिया भी सरल हो सकेगी।
अंचल कार्यालयों में पहले लगती थीं लंबी कतारें
पिछले कुछ वर्षों में देखा गया था कि एडमिशन के समय अंचल कार्यालयों में लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती थीं। कई अभिभावक सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते थे, फिर भी काम पूरा नहीं हो पाता था। दस्तावेजों की कमी या प्रक्रिया की जटिलता के कारण उन्हें बार-बार लौटना पड़ता था। इस नई व्यवस्था से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि अभिभावकों को मानसिक तनाव से भी राहत मिलेगी।
आंकड़े बताते हैं बढ़ती जरूरत
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 के दौरान पटना नगर निगम के शहरी क्षेत्र के चार अंचलों में अब तक करीब 1.07 लाख बर्थ सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा सर्टिफिकेट नूतन राजधानी अंचल में बनाए गए हैं, जहां 77,034 जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। इसके अलावा पाटलिपुत्र अंचल में 12,308, कंकड़बाग अंचल में 6,080 और बांकीपुर अंचल में 12,476 बर्थ सर्टिफिकेट बनाए गए हैं। ये आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि बर्थ सर्टिफिकेट की मांग लगातार बढ़ रही है।
छात्रों और अभिभावकों को सीधा लाभ
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य छात्रों और उनके अभिभावकों को राहत देना है। बर्थ सर्टिफिकेट बच्चों के भविष्य से जुड़ा एक अहम दस्तावेज है। स्कूल और कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, सरकारी योजनाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में इसकी जरूरत पड़ती है। प्रक्रिया आसान होने से अभिभावक समय रहते सभी जरूरी काम पूरे कर सकेंगे और बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी।
शहरी अंचलों में बढ़ाई गई सुविधाएं
पटना नगर निगम ने अंचल कार्यालयों में भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की है। शहरी क्षेत्रों के अंचल कार्यालयों में स्टाफ की संख्या बढ़ाई गई है और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि आवेदन और सत्यापन का काम तेजी से हो सके। पहले जहां घंटों इंतजार करना पड़ता था, अब वहां प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज हो गई है। आवेदन के दौरान यदि किसी तरह की परेशानी आती है, तो कार्यालय में मौजूद कर्मचारी अभिभावकों की मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे।
आवेदन कैसे करें
पटना नगर निगम के अंतर्गत आने वाले शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने नजदीकी अंचल कार्यालय में सीधे बर्थ सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय माता-पिता का आधार कार्ड और एफिडेविट प्रस्तुत करना होगा। दस्तावेज पूरे होने पर नगर निगम की ओर से बर्थ सर्टिफिकेट जल्द जारी कर दिया जाएगा। प्रक्रिया को सरल रखने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
भविष्य में और डिजिटल होगी व्यवस्था
नगर निगम का कहना है कि आने वाले समय में बर्थ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग और डिजिटल सर्टिफिकेट जैसी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है, ताकि अभिभावकों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र आसानी से और समय पर उपलब्ध हो सके। पटना नगर निगम का यह फैसला अभिभावकों और छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। केवल आधार कार्ड और एफिडेविट के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने की सुविधा से न सिर्फ समय और मेहनत बचेगी, बल्कि स्कूल और कॉलेज एडमिशन की प्रक्रिया भी सुचारु रूप से पूरी हो सकेगी। यह कदम बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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