गया में घर में घुसकर विधवा की हत्या, अपराधियों ने लोहे की रॉड से मारा, पुलिस की जांच जारी
गया। गया जिले के रौशनगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। देर रात अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर एक विधवा महिला की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका की पहचान विपत्ति देवी के रूप में हुई है, जो गांव में अकेली रहती थीं।
हत्या की घटना
जानकारी के अनुसार, अपराधी देर रात विपत्ति देवी के घर में घुसे और लोहे की रॉड से उनके सिर और शरीर पर वार किया। वार इतनी गंभीरता से किए गए कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के समय घर में और कोई मौजूद नहीं था, जिससे अपराधियों को वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।
पीड़िता का पारिवारिक हालात
विपत्ति देवी के दो बेटे हैं, जो अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ दिल्ली में रहते हैं और वहां प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां की हत्या की खबर सुनते ही उन्हें सूचना दी गई, लेकिन उस समय वे बिहार से काफी दूर थे। पीड़िता लंबे समय से अकेले रह रही थीं, और गांव में उनका किसी से विशेष विवाद नहीं था।
वारदात के पीछे की संभावित वजहें
हत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि घर में किसी प्रकार की लूटपाट नहीं हुई है, जिससे साफ है कि वारदात केवल चोरी के इरादे से नहीं की गई। पुलिस आपसी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद और अन्य कारणों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही रौशनगंज थानाध्यक्ष अन्नू राजा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आस-पास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों और मृतका के परिजनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस संदिग्धों की पहचान की कोशिश कर रही है।
गांव में माहौल और लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि विपत्ति देवी शांत स्वभाव की महिला थीं और किसी से उनका कोई झगड़ा नहीं था। उनकी अचानक और इस तरह से हत्या हो जाना सभी को हैरान कर रहा है। घटना के बाद से गांव में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की और वारदात को रोका जा सके।
पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सभी संभावित पहलुओं पर गहन जांच कर रहे हैं और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन संदिग्धों के बारे में कुछ अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर से बिहार में बढ़ते अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़कर कड़ी सजा दिलाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


