तेलंगाना आरक्षण मॉडल पूरे देश में हो लागू, सहनी ने किया स्वागत, कहा- जनसंख्या से मिले वर्गों को आरक्षण
पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने तेलंगाना सरकार द्वारा वंचितों और पिछड़ों को 42 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह मॉडल पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।
तेलंगाना सरकार के फैसले की सराहना
तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया, जिससे राज्य के पिछड़े वर्गों को अधिक प्रतिनिधित्व और अवसर मिलेंगे। इस फैसले को सकारात्मक कदम बताते हुए मुकेश सहनी ने तेलंगाना सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वीआईपी लंबे समय से देशभर में जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण की मांग कर रही है और तेलंगाना मॉडल इसका बेहतरीन उदाहरण है।
बिहार में आरक्षण को लेकर स्थिति
मुकेश सहनी ने बिहार में भी आरक्षण बढ़ाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि जब बिहार में महागठबंधन की सरकार सत्ता में थी, तब राज्य में जातिगत जनगणना करवाई गई थी। इस गणना के आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया। इसके कारण यह मामला कानूनी विवादों में उलझ गया और इसे लागू नहीं किया जा सका।
जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की मांग
सहनी का कहना है कि किसी भी समाज के विकास के लिए जरूरी है कि आरक्षण जनसंख्या के आधार पर दिया जाए। उनका तर्क है कि जिस वर्ग की जितनी आबादी है, उसे उसी अनुपात में शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी और इसके लिए संघर्ष करती रहेगी।
भाजपा सरकार पर आरोप
पूर्व मंत्री ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार आरक्षण विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सामाजिक न्याय के खिलाफ है और वंचित समुदायों को उनके हक से वंचित रखना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि यदि केंद्र सरकार जातिगत गणना के आधार पर आरक्षण को संवैधानिक दर्जा देती, तो बिहार और अन्य राज्यों में पिछड़े और वंचित वर्गों को न्याय मिल पाता।
वीआईपी पार्टी की प्रतिबद्धता
मुकेश सहनी ने प्रदेश की जनता से वादा किया कि यदि उनकी पार्टी बिहार में सरकार बनाती है, तो वे राज्य में वंचितों और पिछड़ों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी का मुख्य एजेंडा सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों का सशक्तिकरण है। उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि हर समुदाय को उसकी जनसंख्या के आधार पर उचित प्रतिनिधित्व मिले।
राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण मॉडल लागू करने की अपील
वीआईपी पार्टी ने तेलंगाना सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए मांग की है कि यह मॉडल पूरे देश में लागू किया जाए। उनका मानना है कि इस कदम से समाज में समानता आएगी और वंचित वर्गों को उनके अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने अन्य राज्यों की सरकारों से भी अपील की कि वे इस मॉडल को अपनाएं और सामाजिक न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाएं। मुकेश सहनी का बयान तेलंगाना सरकार के फैसले को पूरे देश में लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है। उनका मानना है कि जनसंख्या के आधार पर आरक्षण देने से समाज के वंचित तबकों को समान अवसर मिलेंगे और देश में सामाजिक न्याय की स्थापना होगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य राज्यों की सरकारें इस मॉडल को अपनाने के लिए आगे आती हैं या नहीं।


