बाढ़ प्रभावित किसानों को सीएम ने दिया दिवाली गिफ्ट, डीबीटी से ट्रांसफर की 101 करोड़ की राशि

  • मुख्यमंत्री ने रबी महाअभियान की शुरुआत की: जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

पटना। बिहार सरकार ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत और सहायता के रूप में दिवाली का तोहफा दिया। राज्य के 16 जिलों के 69 प्रखंडों और 580 पंचायतों में बाढ़ से प्रभावित करीब 1 लाख 52 हजार किसानों को कुल 101 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। इस सहायता राशि को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किया गया। कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति 2 हेक्टेयर के आधार पर यह सहायता राशि प्रदान की गई है ताकि वे अपनी बर्बाद फसलों की भरपाई कर सकें और आने वाले रबी सीजन की तैयारी कर सकें।
बाढ़ के कारण किसानों को हुआ व्यापक नुकसान
बिहार में हर साल बाढ़ का प्रकोप रहता है, जो इस बार भी 16 जिलों के 86 प्रखंडों में फसलों की व्यापक क्षति का कारण बना। बाढ़ के कारण 2,24,597 हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा, जिसमें से 91,817 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति का अनुमान है। कोसी, गंडक, और बागमती जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ का पानी इन क्षेत्रों में घुस गया था, जिससे किसानों की आजीविका और फसलों पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना
किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए बिहार सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सब्सिडी की व्यवस्था की है। इस योजना के अनुसार, सिंचित क्षेत्रों के लिए 17,000 रुपए प्रति हेक्टेयर, असिंचित क्षेत्रों के लिए 8,500 रुपए प्रति हेक्टेयर, और शाश्वत फसलों के लिए 22,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य है कि बाढ़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई के साथ-साथ किसानों को आगामी फसल सीजन के लिए तैयार किया जा सके।
रबी महाअभियान 2024-25 की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 1 अणे मार्ग से रबी महाअभियान 2024-25 की शुरुआत भी की। इस अभियान के अंतर्गत 4 कृषि ज्ञान वाहनों और 18 किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाई गई। ये वाहन विभिन्न जिलों में जाकर किसानों को कृषि संबंधी नई तकनीक, जैविक खेती के फायदे, और मौसम के अनुकूल फसल प्रबंधन के बारे में जानकारी देंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देना है ताकि वे बेहतर तरीके से कृषि कर सकें और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम कर सकें।
सरकार का समर्थन और प्रतिबद्धता
बिहार सरकार की यह पहल दर्शाती है कि वह किसानों के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सरकार हर मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी रहेगी और उन्हें पुनः आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति ने किसानों को आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर किया था, लेकिन सरकार की इस वित्तीय सहायता से उन्हें एक नई आशा मिलेगी।
सरकार की दीर्घकालिक योजना और महत्व
बिहार सरकार ने किसानों की मदद करने और कृषि में सुधार करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें मौसम के अनुसार कृषि प्रबंधन, जैविक खेती को प्रोत्साहन, और कृषि इनपुट सब्सिडी जैसी पहल शामिल हैं। रबी महाअभियान जैसी योजनाएं राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होंगी और किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगी। इसके अलावा, विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए किसानों को समय-समय पर कृषि की नई-नई तकनीकों के बारे में जानकारी मिलती रहेगी, जिससे वे आपदाओं से बचने के लिए पहले से तैयार रहेंगे। इस प्रकार, बिहार सरकार का यह कदम किसानों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल उन्हें राहत पहुंचाएगी, बल्कि भविष्य में ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्हें तैयार भी करेगी।

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