पटना-आरा दुष्कर्म कांड: आरोपी राजद विधायक फरार घोषित, अब अचल संपत्ति होगी जब्त
आरा। चर्चित दुष्कर्म कांड में आरोपी संदेश के राजद विधायक अरुण यादव की मुश्किलें अब और ज्यादा बढ़ गई हैं। भोजपुर पुलिस ने न केवल अरुण यादव फरार घोषित किया है, बल्कि उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दायर कर दिया है, जबकि इसी मामले में यूपी के लखनऊ निवासी दो और संदिग्धों के विरुद्ध अभी अनुसंधान चल रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि दुष्कर्म मामले में नाम आने व वारंट जारी होने के पांच माह बाद भी पुलिस विधायक अरुण यादव को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस दौरान पुलिस वारंट लेकर विधायक के ठिकानों पर दौड़ती रही, लेकिन पुलिस को विधायक का सुराग नहीं मिल सका। विधायक का पता लगाने में भोजपुर के साथ पटना पुलिस भी अब तक नाकाम है।
इधर, कोर्ट के सख्त रवैये के बाद आरोपी विधायक अरुण यादव की अचल संपत्ति जब्त करने में तेजी आ गई है। एक-दो दिनों में अचल संपत्ति भी जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसे लेकर करीब 12 एकड़ जमीन चिह्नित की जा चुकी है। अन्य जमीन व संपत्ति की जांच चल जा रही है। दरअसल, पटना-आरा दुष्कर्म कांड में विधायक की गिरफ्तारी नहीं होने व आत्मसमपर्ण नहीं किए जाने पर पॉक्सो कोर्ट का रवैया काफी सख्त है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बीते तीन जनवरी को विधायक की अचल संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। साथ ही चार्जशीट दाखिल नहीं करने पर आईओ के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की थी। बता दें कि दुष्कर्म के इस मामले में पहले भी चार आरोपियों के विरुद्ध पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं विधायक के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किए जाने की पुष्टि भी पुलिस ने कर दी है। पुलिस ने इस मामले में पहले संचालिका अनीता, उसके दलाल संजीत और अभियंता अमरेश के अलावा सेक्स रैकेट के संचालक संजय यादव उर्फ जीजा के विरुद्ध चार्जशीट पहले ही फाइल कर चुकी है।
गौरतलब है कि पिछले साल छह सितंबर को पीड़िता की ओर से कोर्ट में दर्ज कराए गए पुनर्बयान में संदेश के विधायक अरुण यादव का नाम आया था। इसके दो-तीन दिन बाद तक विधायक अपने इलाके में जमे रहे, लेकिन 11 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट के लिए पुलिस के कोर्ट पहुंचने की खबर मिलते ही अंडरग्राउंड हो गया।


