ईडी के चौथे समन के बाद भी पेश नही हुए केजरीवाल, आप ने जांच एजेंसी पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं हुए हैं। ईडी ने उन्हें चौथी बार इस केस में पेश होने के लिए समन भेजा था। हालांकि, पिछले तीन बार की तरह ही इस बार भी केजरीवाल जांच एजेंसी के दफ्तर नहीं पहुंचे हैं। ईडी दफ्तार के बजाय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल त्यागराज स्टेडियम में आयोजित ‘एक्सीलेंस इन एज्युकेशन’ अवार्ड के कार्यक्रम में पंहुचे हैं। हालांकि, इस बात की पहले से ही उम्मीद जताई गई थी कि दिल्ली सीएम चौथी बार भी ईडी के समन पर उसके दफ्तर नहीं जाने वाले हैं। इसकी वजह ये थी कि मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया था कि अरविंद केजरीवाल को गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर जाना है। कहा गया कि वह लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर गोवा में पार्टी की तैयारियों का जायजा लेने वाले हैं। हालांकि, केजरीवाल गोवा जाने के बजाय दिल्ली में ही एक कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। वहीं, दिल्ली सीएम केजरीवाल की तरफ से आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रवर्तन निदेशालय को एक चिट्ठी भेजी है। इसमें ईडी के बार-बार समन भेजने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आप ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए समन भेजा जा रहा है। बीजेपी का मकसद दिल्ली के सीएम को गिरफ्तार करवाना है। आप का कहना है कि ईडी ने कहा है कि केजरीवाल आरोपी नहीं हैं, लेकिन फिर भी बार-बार समन क्यों भेजा जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय को खत लिखकर केजरीवाल ने इसे राजनीतिक समन बताया है। उन्होंने एक बार फिर यह आरोप लगाया है कि बीजेपी का मकसद उनको गिरफ्तार करना है। केजरीवाल ने अपने जवाब में एक बार फिर यह आरोप लगाया है कि उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए यह समन भेजे जा रहे हैं। इस मामले में आम आदमी पार्टी ने भी सवाल उठाए हैं कि प्रवर्तन निदेशालय ने लिखा है कि केजरीवाल आरोपी नहीं, फिर समन और गिरफ्तारी क्यों करना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी ने इसको लेकर कहा है कि जो नेता भ्रष्ट होते हैं वो बीजेपी में चले जाते हैं, उनके मामले बंद कर दिये जाते हैं। हमने भ्रष्टाचार नहीं किया, हमारा कोई नेता बीजेपी में नहीं जाएगा। आम आदमी पार्टी ने कहा, ‘जो भ्रष्ट नेता बीजेपी में चले जाते हैं, उनके मामले बंद कर दिए जाते हैं । हमने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया, हमारा कोई नेता बीजेपी में नहीं जाएगा’। ईडी ने इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पिछले साल 2 नवंबर और 21 दिसंबर और इस साल 3 जनवरी को पूछताछ के लिए समन भेजा था। लेकिन तीनों ही बार वह केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए और समन को गैर कानूनी बताया था। अरविंद केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ गोवा के लिए रवाना हो सकते हैं। आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में केजरीवाल गोवा में 18, 19 और 20 जनवरी तक रहेंगे और वहां आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही वह पब्लिक रैली को भी संबोधित कर सकते हैं। अरविंद केजरीवाल ने ईडी के 3 जनवरी के समन के जवाब में एक पत्र लिखकर कुछ सवाल पूछे थे। उन्होंने कहा था कि इस समन में ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे यह पता चले कि मुझे ईडी ने बुलाया क्यों है। ईडी के समन में यह स्पष्ट नहीं है कि उसने मुझे व्यक्तिगत तौर पर या दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर या फिर आम आदमी पार्टी के संयोजक के तौर पर बुलाया है। बिना स्पष्ट जानकारी वाले इस तरह के समन पहले भी कोर्ट द्वारा गैर कानूनी करार दिए जा चुके हैं और रद्द हो चुके हैं। केजरीवाल ने अपने पत्र में ईडी का समन मीडिया में लीक होने का मुद्दा भी उठाया था और पूछा था, क्या इसके पीछे का मकसद उनकी छवि खराब करना है? उन्होंने ईडी से लिखित सवाल भी मांगे थे। उन्होंने कहा था कि कानून के मुताबिक वह हर तरह की जांच में शामिल होने को तैयार हैं। लेकिन ईडी के पास मुझे समन भेजने की ठोस वजह नहीं है। उन्होंने केंद्रीय एजेंसी को कानून के तहत और पारदर्शी तरीके से काम करने की सलाह दी थी।


