October 18, 2026

राजेंद्रनगर टर्मिनल में SM से रंगदारी वाला मामला पहुंचा पीएमओ, SI-DSP के खिलाफ शिकायत, आवेदक बोले- निष्पक्ष जांच हो

पटना। एक शिक्षक ने दूसरे को फंसाने के लिए उसके नाम से रेलवे को धमकी भरा पत्र लिखकर राजेंद्रनगर टर्मिनल के स्टेशन मैनेजर से 1.5 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। वही रकम नहीं देने पर वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस, जनशताब्दी ट्रेनों की दुर्घटना कराने की धमकी दी थी। वही इस मामले की शिकायत अब PMO तक पहुंच गई है। आवेदक ने PMO से गुहार लगाई गई है कि रेल थानाध्यक्ष व रेल DSP उसे इस कदर प्रताड़ित कर रहे हैं कि पूरा परिवार डरा हुआ है। उसने ये भी शंका जाहिर कि थी कि उससे रुपए की डिमांड भी की जा सकती है। आवेदक ने आगे कहा की पदाधिकारी और जांच में शामिल पुलिस वाले रुपए नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसा सकते हैं। रामकृष्णा नगर थाना अंतर्गत न्यू जगनपुरा के पास रेंट के मकान में रह रहे कमल देव सिंह की ओर से शिकायत की गई है। ये वही कमलदेव सिंह हैं जिनके नाम, पता, मोबाइल नंबर के साथ राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी भरा पत्र रेल अधिकारी को भेजा गया था। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। उनके निशानदेही के आधार पर जब छानबीन शुरू हुई थी, तो पता चला कि किसी दूसरे व्यक्ति अनुज किशोर प्रसाद ने उन्हें फंसाने के लिए साजिश किया है। हालांकि, बाद में कमलदेव सिंह और अनुज किशोर प्रसाद को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। कमलदेव सिंह ने जिन 2 लोगों के खिलाफ शिकायत की है उसमें सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार और रेल DSP सुधांशु कुमार चंचल का नाम शामिल है। PMO में जो शिकायत की गई थी उसकी जांच का जिम्मा इंस्पेक्टर अनवर समी सिद्दकी को सौंपी गई। हालांकि, इस संबंध में GRP के इंस्पेक्टर अनवर सिमी सिद्दकी का कहना है कि PMO से कोई लेटर नहीं आया था। रेलवे की ओर से एक लेटर आया था। जिसका जवाब बनाकर भेज दिया गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
आवेदक कमलदेव सिंह ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि मेरे साथ जिस तरह से रेल पुलिस बर्ताव कर रही है, उसे सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। PMO के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय बिहार, अतरिक्त पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में भी इसकी शिकायत की है।

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