अवैध तरीके से काली कमाई के आरोप में कार्यपालक अभियंता पर ईओयू का शिकंजा,4 जिलों के 5 ठिकानों पर छापेमारी,बड़ी मात्रा में कैश तथा संपत्ति बरामद
पटना/मुंगेर। योजना एवं विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को मामला दर्ज करने के बाद गुरुवार सुबह ईओयू की विशेष टीम ने मुंगेर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पटना स्थित उनके पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के बाद अभियंत्रण और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

ईओयू के मुताबिक नारद कुमार दास पर ज्ञात वैध आय के स्रोतों से 83 लाख 53 हजार 200 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में यह संपत्ति उनकी वैध आय की तुलना में करीब 64.93 प्रतिशत अधिक आंकी गई है। इस मामले में ईओयू थाने में बुधवार, 7 अक्टूबर को कांड संख्या 28/26 दर्ज किया गया।
मामले में पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद डीएसपी स्तर के वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गुरुवार की सुबह सभी टीमों ने एक साथ संबंधित ठिकानों पर दबिश दी।
मुंगेर के आवास और कार्यालय में एक साथ तलाशी
नारद कुमार दास वर्ष 2024 से मुंगेर में स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) कार्य प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। उनके पास मुंगेर जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी है।
ईओयू की एक टीम ने कासिम बाजार थाना क्षेत्र के बेलन बाजार, बंगाली टोला स्थित उनके किराये के मकान को घेरकर तलाशी शुरू की। टीम ने आवास में मौजूद दस्तावेजों, संपत्ति से संबंधित कागजात, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की।
इसके समानांतर स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल, मुंगेर के सरकारी कार्यालय में भी तलाशी ली गई। यहां विकास योजनाओं से जुड़ी संचिकाओं, टेंडर प्रक्रिया, कार्य आवंटन, भुगतान और अन्य वित्तीय अभिलेखों को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसी की नजर इस बात पर भी है कि अधिकारी के कार्यकाल के दौरान किन-किन योजनाओं और ठेकों में वित्तीय लेनदेन हुआ।
भागलपुर के पैतृक आवास पर भी पहुंची टीम
ईओयू की कार्रवाई मुंगेर तक सीमित नहीं रही। जांच टीम ने नारद कुमार दास के पैतृक जिले भागलपुर में भी तलाशी ली। तिलकामांझी थाना क्षेत्र के हनुमान पथ स्थित उनके निजी आवास पर भी टीम ने दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।
नारद कुमार दास के पिता का नाम नगीना दास बताया गया है। उनका मूल पता भागलपुर के तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ है।
मुजफ्फरपुर और पटना में भी छापेमारी
ईओयू की दूसरी टीम ने मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के नया टोला स्थित राधिका अपार्टमेंट में भी तलाशी ली। यहां फ्लैट नंबर 2F में संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
वहीं पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के कुसुमपुरम मोहल्ले स्थित आवास पर भी ईओयू की टीम ने दबिश दी। इस तरह अधिकारी से जुड़े कुल पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी की कार्रवाई की गई।
डीड से लेकर बैंक खातों और लॉकर तक की जांच
तलाशी के दौरान ईओयू की टीम अचल संपत्तियों के दस्तावेज, जमीन-मकान की खरीद-बिक्री से जुड़े डीड, बैंक खातों, लॉकर, नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी की घोषित आय और उनकी वास्तविक संपत्ति के बीच कितना अंतर है तथा कथित अतिरिक्त संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई।
ईओयू मुख्यालय के अनुसार सभी पांच ठिकानों पर तलाशी पूरी होने के बाद जब्त दस्तावेजों, नकदी, आभूषणों, बैंक खातों और अन्य संपत्तियों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके बाद बरामदगी और जांच से जुड़े आधिकारिक आंकड़े सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल ईओयू की कार्रवाई जारी है और तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी के हाथ कितनी संपत्ति और महत्वपूर्ण दस्तावेज लगे हैं।

