नशे का कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़; सरगना समेत सात को ड्रग विभाग ने दबोचा, 8022 इंजेक्शन जब्त
पटना। नशीले दवाओं के कारोबार करने वाले गिरोह के सरगना समेत सात लोगों को ड्रग विभाग ने 16 घंटे की लगातार छापेमारी कर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के पास से 8 हजार 23 नशीले इंजेक्शन को बरामद किया गया है, जिसकी कीमत 50 लाख रुपए से भी अधिक है। ड्रग विभाग की टीम लगातार इन नकली और अवैध तरीके से बेचे जा रहे दवाओं पर लगाम लगाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इसी कड़ी में ड्रग विभाग की टीम ने नशा के लिए इस्तेमाल करने वाले 8022 यूनिट एम्प्युल को बरामद किया है। जो अवैध हैं और बिना डॉक्टर के अनुमति के नहीं दी जाती है। वहीं इन दवाओं को लोगों को महंगे दामों में बेचा जा रहा था, लेकिन ड्रग विभाग की टीम ने पटना के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 7 लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया है। वही ड्रग विभाग के अधिकारी सचिदानंद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि नशीले दवाइयों का रैकेट चलाया जा रहा है। इसमें दर्जनों लोग शामिल हैं। उसे देखते हुए बहादुरपुर थाने की पुलिस के सहयोग से पीरबहोर थाना क्षेत्र के सब्जीबाग स्थित बजरंग मेडिको समेत अन्य कई मेडिकल दुकानों में छापेमारी कर 8022 बुप्रेन्योरफिन इंजेक्शन एम्प्युल बरामद किया गया, जो मार्केट में बैन है। बरामद दवाइयों की लागत मूल्य तीन लाख रुपए है, लेकिन अवैध व्यापार करने वालों के लिए कोई तय कीमत नहीं है। इनकी कीमत 50 लाख से भी अधिक हो सकती है। बरामद दवाइयों के साथ नशीले दवा के कारोबार में शामिल सात धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं ड्रग विभाग के अधिकारियों के लिखित शिकायत के आधार पर दुकानदारों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए आगे की करवाई की जा रही है। कैसे और कहां से नशीला दवाओं की बिक्री की जा रही है इसकी भी जानकारी ली जा रही है । फिलहाल बरामद दवा को जब्त कर बहादुरपुर थाने में मामला दर्ज कर गिरफ्तार सभी लोगों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।


