बिहार में अग्निशमन व्यवस्था होगी और मजबूत, मुख्यमंत्री ने 80 नए दमकल वाहनों को दिखाई हरी झंडी

  • आग लगने की सूचना के पांच से दस मिनट के भीतर पहुंचेगी राहत टीम
  • आधुनिक उपकरणों और तेज प्रतिक्रिया क्षमता से कम होगा जान-माल का नुकसान

पटना। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रही अगलगी की घटनाओं के बीच बिहार सरकार ने अग्निशमन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में आग लगने की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाने और राहत-बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने 80 नए अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को सेवा में शामिल किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना के गांधी मैदान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में इन नए दमकल वाहनों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार आधुनिक संसाधनों को जोड़ा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद पांच से दस मिनट के भीतर दमकल वाहन और अग्निशमन दल मौके पर पहुंच जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक और तेज गति वाले वाहनों को अग्निशमन सेवा में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इन 80 नए वाहनों में 36 तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन भी शामिल हैं, जिनका उपयोग त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा। सरकार का मानना है कि नई गाड़ियों के शामिल होने से केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी अग्निशमन सेवा की प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होगी। अभी तक कई ग्रामीण क्षेत्रों में दमकल वाहनों को पहुंचने में अधिक समय लगता था, जिसके कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सकता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद दूरदराज के इलाकों में भी राहत कार्य तेजी से संचालित किए जा सकेंगे। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर अग्निशमन विभाग की ओर से विशेष प्रदर्शन और अभ्यास अभियान भी आयोजित किया गया। इस दौरान अग्निशमन विभाग के जवानों ने अपनी क्षमता और तैयारी का प्रदर्शन किया। जवानों ने आग के घेरे के बीच से छलांग लगाकर, जलती हुई आग के ऊपर से गुजरकर और ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान आधुनिक बचाव उपकरणों और तकनीकी संसाधनों का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अब अग्निशमन विभाग के पास ऐसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से ऊंची इमारतों, संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी तेजी से राहत कार्य किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में राज्य में अगलगी की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। तेज तापमान, शॉर्ट सर्किट, गैस सिलेंडर विस्फोट और लापरवाही के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। कई बार आग इतनी तेजी से फैलती है कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाता। ऐसे में समय पर दमकल वाहनों का पहुंचना बेहद जरूरी हो जाता है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नई गाड़ियों में आधुनिक जल पंप, हाई प्रेशर सिस्टम, बचाव उपकरण और संचार प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। इससे आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में काफी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल आग बुझाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अग्निशमन सेवाओं को हर जिले और प्रखंड स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने अग्निशमन विभाग के जवानों के साहस और मेहनत की सराहना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, अधिकारी और सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में बढ़ती आबादी, शहरीकरण और भीषण गर्मी को देखते हुए अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी था। नए दमकल वाहनों और आधुनिक तकनीक के जुड़ने से भविष्य में आग लगने की घटनाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। सरकार की इस पहल को आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि नई तकनीक और तेज प्रतिक्रिया प्रणाली के कारण राज्य में अग्निशमन सेवाएं पहले से अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बन सकेंगी।

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