बिहार में इथेनॉल उत्पादन के लिए 3400 करोड़ का निवेश तय, 25 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

पटना। बिहार में इथेनॉल उत्पादन के लिए 3400 करोड़ का निवेश तय हो गया है। इससे प्रत्यक्ष तौर पर ढाई हजार और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 25 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रस्तावित निवेश एक से डेढ़ साल के अंदर धरातल पर उतर जायेगा। निवेश के लिए चुने गये 17 यूनिटों में आठ को बियाडा ने जमीन आवंटित की है। दो यूनिट को और दिया जाना है। शेष यूनिट निजी जमीनों पर स्थापित होंगी। सरकार इथेनॉल पॉलिसी से परे जाकर इथेनॉल परिवहन के लिए टैंकर्स संचालन के लिए इंटेंसिव देने पर विचार कर रही है।
इथेनॉल उत्पादन के संदर्भ में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए राज्य के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि इथेनॉल उत्पादन के लिए बिहार में कुल 30 हजार करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने घोषणा की कि जिन निवेशकों ने इथेनॉल पालिसी के तहत आवेदन किये हैं, पॉलिसी की अवधि खत्म होने के बाद भी उसे सारी सुविधा मिलेंगी। उन्होंने कहा कि वाहनों में फ्लैक्सी इंजन का दौर आने वाला है। इससे बिहार को फायदा होगा। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थापित होने जा रही 17 यूनिटों का कोटा अब 35.8 करोड़ लीटर हो गया है। हालांकि इन यूनिट की क्षमता दो गुना से भी अधिक 90 करोड़ लीटर तक होगी। इससे भविष्य में उन्हें फायदा होगा। मंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ ही सालों में प्रदेश की प्रत्येक जिले में इथेनॉल उत्पादन यूनिट स्थापित की जायेंगे। ये उत्पादन इकाइयां मुजफ्फरपुर, भोजपुर, नांलदा, पूर्णियां, बक्सर, बेगुसराय, मधुबनी, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और भागलपुर समेत अन्य जिलों में प्रस्तावित हैं। सबसे ज्यादा यूनिट मुजफ्फरपुर और नालंदा में इथेनॉल यूनिट लगायी जानी हैं। कहा कि बिहार के कोटे में दो गुना इजाफा दिलाने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी केंद्रीय मंत्रियों ने विशेष सहयोग दिया। इथेनॉल उत्पादन स्थानीय अर्थव्यवस्था में गेम चेंजर साबित होगी।
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बृजेश मेहरोत्रा ने बताया कि ईज आफ डूइंंग के क्षेत्र में बिहार ने जबरदस्त क्षमता हासिल की है। हमने सालों का काम हफ्तों में और हफ्तों का कार्य घंटों में किया है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी तक आयल कंपनियों, बैंकर्स के साथ एक वर्चुअल मीटिंग निवेशकों की करायी जायेगी। इसमें निवेशकों की तकनीकी दिक्कतों को खत्म किया जायेगा। इस दौरान निवेशकों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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