बिहार में मौसम का कहर, आंधी-बारिश और वज्रपात से बढ़ा खतरा
- 19 जिलों में येलो और 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका
- भीषण गर्मी से राहत के बीच कई जिलों में तबाही, राहत और बचाव कार्य तेज
पटना। बिहार में मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप धारण कर लिया है कि एक ओर लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है, तो दूसरी ओर तेज आंधी, भारी बारिश और आकाशीय बिजली ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए अगले सात दिनों तक खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तेज हवाएं, मेघगर्जन, वज्रपात और कई स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में पीली चेतावनी और 19 जिलों में नारंगी चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही लगातार बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की आशंका भी जताई गई है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, पटना, गया और भागलपुर समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर बिहार के इलाकों में तेज हवाओं का असर अधिक देखने को मिल सकता है, जबकि दक्षिण बिहार में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने दबाव तंत्र, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बिहार के ऊपर से गुजर रही जेट स्ट्रीम के कारण मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले लगभग 15 दिनों से पूर्वी हवाएं लगातार नमी लेकर आ रही हैं, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। यही कारण है कि इस बार सामान्य से लगभग 180 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। 8 मई को आई तेज आंधी और भारी बारिश ने राजधानी पटना सहित कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। नगर निगम और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को लगातार दो दिनों तक राहत और सफाई अभियान चलाना पड़ा। कई इलाकों में अब भी तूफान के निशान दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को भी तेज बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है। किसानों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलती रहेगी। हालांकि विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि 20 मई के बाद मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो सकता है और इसके बाद गर्मी फिर से बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और स्वास्थ्य विभाग को विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था मजबूत करने और बिजली गिरने या तूफान से प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम चक्र में बदलाव के कारण इस तरह की असामान्य मौसमी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अचानक तेज बारिश, आंधी और वज्रपात जैसी घटनाएं अब अधिक सामान्य होती जा रही हैं। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कुछ किसान इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभकारी भी मान रहे हैं। फिलहाल पूरा बिहार बदले हुए मौसम के प्रभाव में है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।


