पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर सड़कों पर उतरे हजारों छात्र

  • मुख्यमंत्री आवास मार्च के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को रोका, राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
  • भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार की मांग तेज, विपक्षी नेताओं ने भी छात्रों के आंदोलन को दिया समर्थन

पटना। राजधानी पटना में मंगलवार को पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। पटना विश्वविद्यालय से जुड़े लगभग 15 छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर हजारों छात्र जेपी गोलंबर से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच कई स्थानों पर तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पानी की बौछार का सहारा लेना पड़ा। पूरे घटनाक्रम के दौरान राजधानी के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी रही। प्रदर्शन की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा की दृष्टि से कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकलने लगे। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।प्रदर्शन धीरे-धीरे इनकम टैक्स गोलंबर होते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पानी की तेज बौछार की। इसके बाद कई छात्र सड़क पर बैठ गए और वहीं विरोध प्रदर्शन जारी रखा। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तथा बाद में सड़क किनारे हटाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान थाना क्षेत्र सहित राजधानी के संवेदनशील इलाकों को सुरक्षा छावनी में बदल दिया गया था। जेपी गोलंबर, आयकर गोलंबर, डाकबंगला चौराहा तथा मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंगा नियंत्रण बल की तैनाती की गई थी। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पानी की बौछार करने वाले वाहन और अन्य सुरक्षा संसाधनों को भी मौके पर तैयार रखा गया था। प्रदर्शन में शामिल छात्र संगठनों ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाने, पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने तथा युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रही। छात्रों का कहना था कि बार-बार होने वाली परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। छात्रों ने सीवान में हाल ही में हुए छात्र आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। प्रदर्शनकारियों ने गोली लगने से घायल छात्र को उचित मुआवजा देने, गिरफ्तार छात्रों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने तथा गोलीबारी की घटना में शामिल दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। छात्रों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वालों पर बल प्रयोग उचित नहीं है।प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिला। कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों के साथ बैरिकेडिंग पर चढ़कर राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। उन्होंने छात्रों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था भंग करना, बैरिकेडिंग तोड़ना अथवा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारियों के अनुसार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे तक पहुंचे हुए थे, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित स्थिति बनी हुई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। वहीं छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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