पटना में बेलगाम झपटमारों का आतंक, दिनदहाड़े महिला की सोने की चेन उड़ाई
- बाजार से खरीदारी कर लौट रही महिला बनी निशाना, डेढ़ मिनट तक रेकी के बाद वारदात को दिया अंजाम
- लगातार बढ़ रही चेन झपटमारी की घटनाओं से लोगों में दहशत, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
पटना। राजधानी पटना में चेन झपटमारी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे भीड़भाड़ वाले इलाकों और व्यावसायिक परिसरों में भी वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र स्थित चुन्नीलाल मेगा मार्ट परिसर का है, जहां एक महिला से दिनदहाड़े करीब एक लाख बीस हजार रुपये मूल्य की सोने की चेन छीन ली गई। पूरी घटना वहां लगे निगरानी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी हुई है। घटना सोमवार की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार रूपसपुर के कालिकेत नगर निवासी दिव्या कुमारी खरीदारी के लिए लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स स्थित एक आभूषण दुकान पहुंची थीं। खरीदारी पूरी करने के बाद वह परिसर से बाहर निकलीं और पहले से आरक्षित विद्युत रिक्शा में बैठ गईं। इसी दौरान दो बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें अपना निशाना बना लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपराधी काफी देर से महिला की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। निगरानी कैमरे के दृश्य भी यही संकेत देते हैं कि दोनों बदमाश लगभग डेढ़ मिनट तक मौके की टोह लेते रहे। जब उन्हें लगा कि वारदात को अंजाम देने का उपयुक्त अवसर मिल गया है, तब उन्होंने तेजी से महिला के गले से सोने की चेन झपट ली और वहां से फरार हो गए। पीड़िता ने बताया कि उनकी सोने की चेन लगभग 12 ग्राम वजन की थी, जिसकी कीमत करीब एक लाख बीस हजार रुपये थी। वारदात के तुरंत बाद उन्होंने विद्युत रिक्शा चालक से अपराधियों का पीछा करने को कहा, लेकिन तब पता चला कि रिक्शा के अगले पहिए की हवा निकाल दी गई थी। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि अपराधियों ने पूरी योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन तब तक वे तेजी से डाकबंगला चौराहा की दिशा में भाग चुके थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।निगरानी कैमरे से मिले फुटेज के आधार पर पुलिस ने बाइक के नंबर की पहचान करने की कोशिश की। प्रारंभिक जांच में जो नंबर सामने आया, उसके आधार पर वाहन मालिक तक पहुंचने का प्रयास किया गया। हालांकि जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिस नंबर प्लेट का उपयोग अपराधी कर रहे थे, वह किसी अन्य व्यक्ति के वाहन का था और संबंधित वाहन घटना के समय उसके घर पर खड़ा था। इससे स्पष्ट हो गया कि अपराधियों ने फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। राजधानी में चेन झपटमारी की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ सप्ताह के दौरान कई ऐसी वारदातें सामने आ चुकी हैं, जिनसे लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगभग सोलह दिन पहले बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के निकट सरोज मिश्रा और उनकी बहू गौरी मिश्रा के साथ भी चेन झपटमारी की बड़ी घटना हुई थी। वट सावित्री पूजा के दिन अपराधियों ने लगभग पंद्रह लाख रुपये मूल्य के आभूषण छीन लिए थे। उल्लेखनीय है कि उस मामले में भी अब तक कोई ठोस सफलता पुलिस के हाथ नहीं लगी है। इसके अतिरिक्त करीब अट्ठाईस दिन पहले शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के समनपुरा इलाके में एक दंपती को हथियार के बल पर लूट का शिकार बनाया गया था। उस घटना में तीन बाइक सवार अपराधियों ने बीच सड़क पर दंपती को रोककर सोने की चेन छीन ली थी। विरोध करने पर अपराधियों ने हथियार दिखाकर उन्हें धमकाया और मारपीट भी की थी। लगातार सामने आ रही झपटमारी और लूट की घटनाओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। लोगों का कहना है कि अपराधियों के मन से पुलिस का भय समाप्त होता जा रहा है। विशेष रूप से बाजारों, व्यावसायिक परिसरों और मुख्य सड़कों पर होने वाली घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अपराधी पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि केवल निगरानी कैमरे लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पुलिस गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने, संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखने तथा अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस निगरानी कैमरों की सहायता से अपराधियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि लगातार हो रही घटनाओं ने राजधानीवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है।


