February 23, 2026

पटना फोरलेन पर बाइक रेसिंग के चक्कर में दो हमउम्र दोस्तों की गई जान, पटना के थे सी, मस्ती के लिए जा रहे थे छपाक वाटर पार्क

फतुहा (संजय भूषण)। पटना में तेज रफ्तार से बाइक चलाना मंहगा पड़ा। बाइक रेसिंग के चक्कर में दो हमउम्र दोस्तों ने रविवार की सुबह अपनी जान गंवा दी। घटना इतनी तेजी से हुई कि थोड़ी देर के लिए किसी को कुछ पता ही नहीं चला और पटना में रहने वाले दो घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गये। उक्त घटना फोरलेन पर भिखुआ गांव के पास हुई है। जहां बाइक रेसिंग के दरम्यान एक बाइक डिवाइडर पर लगे पोल से टकरा गई और उस बाइक पर सवार दोनों हमउम्र दोस्तों की जान चली गई। दोनों दोस्त पटना के मलाही पकड़ी के पीसी कॉलोनी निवासी एलआईसी एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर कृष्णा राम के 18 वर्षीय पुत्र संस्कार आनंद तथा जक्कनपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर बेला निवासी पंचायती राज अधिकारी संजय कुमार के 18 वर्षीय पुत्र आयुष शंकर है। घटना की जानकारी होते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तथा दोनों दोस्तों के शव को थाने ले आई। आवश्यक कागजी प्रकिया पुरी कर दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए एनएमसीएच भेज दिया।
बताया जाता है कि दोनों दोस्त हाल ही में मेरठ विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित बीए पार्ट वन के परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा खत्म होने के बाद दोनों अपने अन्य दोस्तों के साथ फोरलेन स्थित छपाक वाटर पार्क में मौज मस्ती करने का प्लान बनाया था। इसी योजना को साकार करने के लिए दोनों अपने अन्य दो दोस्तों के साथ अलग-अलग बाइक द्वारा सुबह-सुबह वाटर पार्क पहुंचने वाले थे। दोनों मृतक एक बाइक पर सवार थे तथा दो अन्य दोस्त दूसरे बाइक से थे। संस्कार आनंद बाइक को ड्राईव कर रहा था। टोल प्लाजा पार करने के बाद दोनों बाइक एक दूसरे से रेसिंग करने लगे। रेसिंग के दरम्यान चारों लोग छपाक वाटर पार्क से आगे फतुहा की ओर निकल गए। जब वाटर पार्क पीछे छूटने का एहसास हुआ तो वे सभी वापस वाटर पार्क की ओर लौटने लगे। लौटने के दौरान भी दोनों बाइक की रेसिंग जारी थी। इसी दरम्यान संस्कार आनंद ने बाइक पर से अपना नियंत्रण खो दिया तथा उसकी बाइक डिवाइडर पर लगे पोल से टकरा गई। जिससे संस्कार आनंद व उसके बाइक पर पीछे बैठा दोस्त आयुष शंकर पोल से टकराकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए और घटनास्थल पर ही दोनों ने अपना दम तोड़ दिया।
मृतक संस्कार आनंद के पिता कृष्णा राम के मुताबिक, रविवार अहले सुबह ही आयुष शंकर व उसके दो दोस्त घर पर आए थे तथा घूमने फिरने के लिए कहीं जाने की बात कही थी। उनके मुताबिक वाटर पार्क जाने के विषय में बच्चों ने कुछ नहीं बताया था।

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