पटना में सत्ता परिवर्तन से पहले कड़ी सुरक्षा, किले में तब्दील हई राजधानी, अलर्ट जारी
- विशिष्ट व्यक्तियों की आवाजाही के बीच शहर में चौकसी बढ़ी, लोकभवन और मुख्यमंत्री आवास पर विशेष निगरानी
- नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर बैठकों का दौर तेज, शपथ ग्रहण की तैयारियां अंतिम चरण में
पटना। बिहार में सत्ता परिवर्तन के अहम दौर से पहले राजधानी पटना को पूरी तरह उच्च सतर्कता क्षेत्र में तब्दील कर दिया गया है। राजनीतिक गतिविधियों और विशिष्ट व्यक्तियों की बढ़ती आवाजाही के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक सख्त कर दिया है। शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर सरकारी परिसरों तक हर जगह पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। आर ब्लॉक से लेकर वीरचंद पटेल पथ तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास और लोकभवन के बाहर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एयरपोर्ट से लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यालयों तक लगातार गश्ती दल सक्रिय हैं। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि सत्ता परिवर्तन की यह प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। जिला प्रशासन ने करीब आधा दर्जन दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल को तैनात किया है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को तुरंत नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई दल भी तैयार रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। इस बीच, नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। लोकभवन परिसर को पूरी तरह सजाया-संवारा गया है और इसे सुरक्षा के कड़े घेरे में रखा गया है। समारोह का आयोजन लोकभवन के पीछे बने विशेष हैंगर हाल में किया जाएगा, जहां लगभग एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। प्रवेश के लिए पास प्रणाली लागू की गई है और बिना अनुमति किसी को भी परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि कार्यक्रम को पूरी तरह नियंत्रित और अनुशासित वातावरण में आयोजित करने की तैयारी की गई है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। राजनीतिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर विभिन्न दलों में बैठकों का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं के बीच लगातार मंथन हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता पटना पहुंच रहे हैं। इस क्रम में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान भी विशेष विमान से राजधानी आ रहे हैं, जिनकी भूमिका नए मुख्यमंत्री के चयन में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दिनभर की राजनीतिक गतिविधियों के तहत सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक होगी। इसके बाद विभिन्न दलों के विधायक दल की बैठकें आयोजित की जाएंगी। दोपहर बाद मुख्यमंत्री राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद शाम को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बैठक में सभी सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे और सर्वसम्मति से नए नेतृत्व का चयन किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित होगा। सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्य की राजनीतिक दिशा और प्रशासनिक प्राथमिकताओं में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। पूरे घटनाक्रम के बीच पटना इस समय न केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी सबसे महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। सुरक्षा, राजनीति और प्रशासन तीनों स्तरों पर एक साथ सक्रियता देखने को मिल रही है। राजधानी में बढ़ी सुरक्षा और तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां इस बात का संकेत दे रही हैं कि बिहार में सत्ता परिवर्तन का ऐतिहासिक क्षण अब बहुत करीब है। प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में जुटा हुआ है।


