पटना थाने से हथकड़ी समेत फरार हुआ छिनतई का आरोपित, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

  • मोबाइल झपटमारी के आरोप में गिरफ्तार युवक शौच के बहाने पुलिस हिरासत से भाग निकला
  • पूरी रात चलती रही छापेमारी, अब तक नहीं मिला सुराग; घटना से पुलिस महकमे में मचा हड़कं

पटना। बिहार की राजधानी पटना में पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। बहादुरपुर थाना से मोबाइल झपटमारी के आरोप में गिरफ्तार एक युवक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि आरोपित हथकड़ी सहित पुलिस हिरासत से भाग निकला और काफी देर तक पुलिस को इसकी जानकारी तक नहीं हो सकी। घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने शुक्रवार को मोबाइल झपटमारी के एक मामले में युवक को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे बहादुरपुर थाना में रखा गया था। देर रात आरोपित ने शौचालय जाने की इच्छा जताई। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी उसे थाना परिसर से बाहर निर्धारित स्थान की ओर ले गए। इसी दौरान आरोपित ने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और वहां से भाग निकला। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार घटना इतनी तेजी से हुई कि पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी, इसके बावजूद वह पुलिस हिरासत से निकलने में सफल रहा। घटना की जानकारी मिलते ही थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दी गई। सूत्रों के अनुसार आरोपित के फरार होने के बाद पूरी रात पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी करती रहीं। आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई और विभिन्न स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आरोपित का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पुलिस उसके परिजनों, परिचितों और संभावित संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। घटना के बाद बहादुरपुर थाना की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं। आमतौर पर पुलिस हिरासत में रखे गए आरोपितों की निगरानी के लिए विशेष सावधानियां बरती जाती हैं। ऐसे में हथकड़ी लगे आरोपित का पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में फरार हो जाना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थाना परिसर और हिरासत व्यवस्था में पर्याप्त सतर्कता बरती जाती, तो इस तरह की घटना नहीं होती। बहादुरपुर थाना प्रभारी ने आरोपित के फरार होने की पुष्टि करते हुए बताया कि उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस सभी संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है और जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में आरोपित भागने में सफल हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और पूरे घटनाक्रम का परीक्षण किया जा रहा है। इस घटना ने राजधानी में कानून-व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हाल के दिनों में पटना में अपराध की घटनाओं को लेकर पहले से ही चिंता व्यक्त की जा रही थी। अब थाना से आरोपित के फरार होने की घटना ने आम लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस हिरासत में रखा गया आरोपित सुरक्षित नहीं रह पा रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस थानों में सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा और आधुनिक निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। इससे न केवल हिरासत से फरार होने जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि पुलिस व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। फिलहाल पुलिस फरार आरोपित की तलाश में जुटी हुई है। पूरे मामले पर वरिष्ठ अधिकारियों की नजर बनी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं घटना ने राजधानी की पुलिस व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं।

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