August 23, 2026

बिहार में मौसम का बदलेगा मिजाज, बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी

  • तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ वर्षा, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका
  • पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव से बढ़ी अस्थिरता

पटना। बिहार में एक ओर जहां तेज धूप के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए वर्षा को लेकर पीला चेतावनी संकेत जारी किया है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों तक राज्य का मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे फसलों और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से 8 और 9 अप्रैल को मौसम के अधिक खराब रहने की आशंका व्यक्त की गई है। राजधानी पटना समेत अन्य क्षेत्रों में भी मौसम का यही रुख बना रहने की संभावना है। यहां आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है। गरज-चमक और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। हालांकि, तापमान में हल्की गिरावट आने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का अचानक बदलना परेशानी का कारण भी बन सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे कई मौसमी कारक सक्रिय हैं। इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से नमीयुक्त हवाएं बिहार की ओर आ रही हैं। इन दोनों के प्रभाव से वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण यानी चक्रवाती वायु प्रवाह भी सक्रिय हो गया है, जिससे बादलों का तेजी से निर्माण हो रहा है। यही कारण है कि अचानक गरज-चमक, तेज हवा, वज्रपात और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इन परिस्थितियों में मौसम तेजी से बदल सकता है और किसी भी समय तेज वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतें और बिना जरूरी कारण घर से बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से वज्रपात के समय खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े रहने से बचने की सलाह दी गई है। सुरक्षित स्थानों पर रहना ही इस समय सबसे उचित कदम होगा। किसानों के लिए भी यह समय सावधानी बरतने का है। विभाग ने सलाह दी है कि तैयार फसलों की जल्द से जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर रख लिया जाए। खेतों में रखी फसलों को ढंककर सुरक्षित करना जरूरी है, ताकि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान को कम किया जा सके। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने यह भी कहा है कि लोग समय-समय पर जारी मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों पर ध्यान दें और उसी के अनुसार अपने दैनिक कार्यों और कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं। बिहार में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से संवेदनशील रहने वाले हैं। जहां एक ओर तापमान में गिरावट से राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी, वर्षा और वज्रपात जैसी घटनाएं जोखिम भी बढ़ा सकती हैं। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस बदलते मौसम में सुरक्षा का सबसे बेहतर उपाय है।

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