बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का कहर, 24 घंटे में 17 लोगों की मौत; कई जिलों में अलर्ट जारी

  • तेज आंधी, भारी वर्षा और आकाशीय बिजली से जनजीवन प्रभावित, हवाई और रेल सेवाओं पर भी पड़ा असर
  • मौसम विभाग ने 25 जिलों में वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया, दो जून के बाद फिर बढ़ सकती है गर्मी

पटना। बिहार में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए व्यापक तबाही का दृश्य प्रस्तुत कर दिया है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 17 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं। कई जिलों में पेड़ उखड़ गए, बिजली व्यवस्था बाधित हो गई और सड़क तथा रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है।  राजधानी पटना सहित राज्य के कई हिस्सों में शुक्रवार को तेज आंधी और वर्षा का असर देखने को मिला। पटना में हवा की गति 107 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिससे अनेक बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए और कई स्थानों पर आवागमन बाधित हो गया। खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। पटना हवाई अड्डे पर चार विमानों को अन्य स्थानों की ओर मोड़ना पड़ा, जबकि 18 जोड़ी उड़ानें विलंब से संचालित हुईं। इसके कारण पांच सौ से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम की मार सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिली। औरंगाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से एक शिक्षक और एक किसान की मृत्यु हो गई। गया में दो लोगों की जान गई, जबकि खगड़िया में एक युवक वज्रपात का शिकार हो गया। सारण जिले के रिविलगंज क्षेत्र में भी एक किसान की मौत बिजली गिरने से हुई। पटना जिले के परसा बाजार में दो बच्चियों की मौत हुई, जबकि मनेर, बेलछी और पालीगंज में भी एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। नवादा में भी दो लोगों की मृत्यु वज्रपात की चपेट में आने से हुई है। गोपालगंज जिले में एक अलग हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। मोहम्मदपुर डुमरिया घाट के पास मूंग तोड़ने जा रहा एक परिवार नाव दुर्घटना का शिकार हो गया। नाव पलटने से तीन बच्चियां नदी में डूब गईं। वहीं समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर में बिजली की तेज चमक और गर्जन से दो विद्यालयों की पांच छात्राएं भय के कारण बेहोश हो गईं। वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले चौबीस घंटों में सबसे अधिक वर्षा सीवान जिले में 135.4 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा मोतिहारी में 116 मिलीमीटर, गोपालगंज के विजयपुर क्षेत्र में 101 मिलीमीटर तथा पटना में 68 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। भारी वर्षा के कारण कई जिलों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। तेज आंधी का असर रेल सेवाओं पर भी दिखाई दिया। पटना के गुलजारबाग स्टेशन के पास एक विज्ञापन पट्टिका का हिस्सा तेज हवा के कारण उड़कर वंदे भारत रेलगाड़ी की विद्युत आपूर्ति प्रणाली में फंस गया। इसके चलते रेलगाड़ी लगभग दो घंटे तक पटना साहिब स्टेशन पर खड़ी रही। हालांकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के 25 जिलों में वर्षा का पीला अलर्ट जारी किया है। वहीं दरभंगा और समस्तीपुर के लिए नारंगी अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने मेघ गर्जन, तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे तथा बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और सक्रिय मौसमी तंत्र के कारण अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम का यही स्वरूप बना रह सकता है। हालांकि दो जून के बाद तापमान में फिर वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जून माह में लू की स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है। मानसून केरल में अगले सात दिनों के भीतर पहुंच सकता है और उसके लगभग एक सप्ताह बाद बिहार में प्रवेश करने की संभावना है। फिलहाल वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और कई जिलों में लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।

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